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भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर की पाकिस्तान में गिरफ्तारी और निर्वासन की प्रक्रिया

भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर की पाकिस्तान में गिरफ्तारी और उनके पति नासिर हुसैन के साथ संबंधों की कहानी ने एक बार फिर से ध्यान आकर्षित किया है। सरबजीत ने नासिर से शादी करने के बाद इस्लाम धर्म अपनाया और अपना नाम नूर हुसैन रखा। हाल ही में उन्हें गिरफ्तार कर भारत वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह मामला दोनों देशों के बीच के रिश्तों और कानूनी जटिलताओं को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर की पाकिस्तान में गिरफ्तारी और निर्वासन की प्रक्रिया

नई दिल्ली में सरबजीत कौर का मामला

नई दिल्ली: ननकाना साहिब की तीर्थ यात्रा के दौरान भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर अचानक लापता हो गई थीं, और यह मामला फिर से चर्चा में है। सरबजीत कौर ने पाकिस्तान में एक मुस्लिम युवक नासिर हुसैन से विवाह किया था और इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम नूर हुसैन रखा। उनकी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया था।


गिरफ्तारी की जानकारी

सरबजीत और नासिर की गिरफ्तारी

रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान पुलिस ने सरबजीत कौर और उनके पति नासिर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें भारत वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, और संभावना है कि सरबजीत कौर को आज ही भारत भेजा जाएगा। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, उनकी जल्द वापसी की उम्मीद है।


इंटेलिजेंस की भूमिका

इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर कार्रवाई

पंजाब प्रांत के मंत्री और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (PSGPC) के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा ने बताया कि यह कार्रवाई इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर की गई। खबरों के अनुसार, इंटेलिजेंस ब्यूरो डिवीजन (IBD) को सरबजीत कौर और नासिर हुसैन की मौजूदगी की जानकारी मिली थी, जिसके बाद IBD की टीम ने छापा मारा और दोनों को गिरफ्तार किया।


रिश्ते की शुरुआत

टिकटॉक के माध्यम से परिचय

पूछताछ में यह भी सामने आया कि सरबजीत कौर और नासिर हुसैन का परिचय 2016 में टिकटॉक के जरिए हुआ था। इसके बाद उन्होंने कई बार वीजा के लिए आवेदन किया, लेकिन कानूनी कारणों से उनके आवेदन अस्वीकृत हो गए थे। 4 नवंबर 2025 को नासिर हुसैन ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे का दौरा किया और वहां से सरबजीत कौर के साथ फारूकाबाद और बुर्ज अत्तारी क्षेत्र गए।

अब पाकिस्तानी कानून के तहत इस मामले में कानूनी कार्रवाई और निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्तों, धार्मिक संवेदनाओं और कानूनी जटिलताओं के कारण अत्यंत संवेदनशील है और दोनों देशों में चर्चा का विषय बना हुआ है।