भारतीय सेना की रॉकेट और मिसाइल फोर्स की आवश्यकता पर जोर
नई दिल्ली में सेना प्रमुख का बयान
नई दिल्ली: भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में रॉकेट और मिसाइल फोर्स की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भारत को एक सशक्त रॉकेट मिसाइल फोर्स की आवश्यकता है, जो रॉकेट और मिसाइल दोनों क्षमताओं से लैस हो। यह बयान सेना दिवस से पहले आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया। जनरल द्विवेदी ने बताया कि भारत अपनी मारक क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है।
पिनाका रॉकेट सिस्टम की रेंज अब 120 किलोमीटर तक पहुंच गई है। इसके साथ ही, प्रलय जैसी आधुनिक मिसाइल प्रणालियों पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। सरकार भी मानती है कि भविष्य के युद्धों में रॉकेट और मिसाइल फोर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अब यह देखना है कि यह फोर्स सेना के अंतर्गत रहेगी या सीधे रक्षा मंत्रालय के अधीन होगी।
रॉकेट फोर्स की आवश्यकता
रॉकेट फोर्स क्यों है जरूरी?
रॉकेट फोर्स एक विशेष सैन्य इकाई है जो लंबी दूरी के रॉकेट और मिसाइल सिस्टम का संचालन करती है। आधुनिक नॉन कॉन्टैक्ट वॉरफेयर में इसकी भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। इस प्रकार के युद्ध में सैनिकों को सीधे दुश्मन के सामने जाने की आवश्यकता नहीं होती है। कमांड सेंटर से ही दुश्मन के ठिकानों को सटीक निशाना बनाया जाता है।
ब्रह्मोस और प्रलय की विशेषताएँ
ब्रह्मोस और प्रलय की क्या है खासियत?
ब्रह्मोस और प्रलय जैसी मिसाइलें रडार और जीपीएस सिस्टम की सहायता से दुश्मन के एयरबेस और कमांड सेंटर को नष्ट कर सकती हैं। इनमें दुश्मन के सैन्य ढांचे को कुछ ही मिनटों में पंगु बनाने की क्षमता है।
भारतीय सेना की यह सोच ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से और मजबूत हुई है।
मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इस दौरान भारतीय वायुसेना ने बिना सीमा पार किए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलों से हमला किया था। इस ऑपरेशन ने भारत की मिसाइल ताकत को वैश्विक स्तर पर साबित कर दिया।
चीन और पाकिस्तान की स्थिति
क्या चीन और पाकिस्तान के पास है रॉकेट फोर्स?
चीन और पाकिस्तान पहले से ही इस दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। चीन ने 2015 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स का गठन किया था, जो दुनिया की सबसे बड़ी मिसाइल ताकतों में से एक मानी जाती है। वहीं, पाकिस्तान ने 13 अगस्त 2025 को आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड बनाने की घोषणा की है। इन चुनौतियों के बीच, भारत के लिए रॉकेट फोर्स एक रणनीतिक आवश्यकता बन चुकी है।
