भारतीय सेना ने भैरव बल का गठन किया, एक लाख ड्रोन ऑपरेटरों के साथ
भारतीय सेना ने भैरव बल का गठन
- भारतीय सेना ने 15 बटालियनें बनाई हैं
- लगभग 25 बटालियनें बनाने की योजना है
नई दिल्ली: भारतीय सेना ने चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर 'भैरव' कमांडो तैनात किए हैं। सेना ने वैश्विक संघर्षों से सीख लेते हुए एक नई स्पेशल फोर्स का गठन किया है।
रक्षा बलों के पुनर्गठन पर केंद्र सरकार का जोर
केंद्र सरकार 'आपरेशन सिंदूर' के बाद रक्षा बलों के पुनर्गठन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस प्रक्रिया के तहत, सेना ने एक लाख से अधिक ड्रोन ऑपरेटरों का एक पूल बनाया है, जो कि अब तक का सबसे बड़ा बदलाव है। नई स्पेशल फोर्स 'भैरव लाइट कमांडो' को आधुनिक युद्ध की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
ड्रोन ऑपरेशनों में दक्षता
भैरव फोर्स के सभी सदस्य ड्रोन ऑपरेशनों में सक्षम हैं और दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए वास्तविक ऑपरेशनों में उनका उपयोग किया जाएगा। इन बटालियनों के लिए जवानों का चयन इन्फैंट्री रेजिमेंट से किया गया है और उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
भैरव बटालियनों की योजना
भारतीय सेना ने पहले ही 15 बटालियनें गठित कर ली हैं, जिन्हें सीमाओं पर तैनात किया गया है। भविष्य में कुल 25 भैरव बटालियनों का गठन करने की योजना है, जो पैरा स्पेशल फोर्सेज और नियमित इन्फैंट्री बटालियनों के बीच की खाई को पाटेंगी।
आधुनिक तकनीक की आवश्यकता
एक भैरव बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि आधुनिक युद्ध तेजी से बदल रहा है और हाइब्रिड चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीक से लैस होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भैरव को एक तकनीकी-आधारित प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है।
रेगिस्तानी क्षेत्र में तैयार
कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि डेजर्ट भैरव बटालियन को 'सन्स ऑफ द सॉइल' के सिद्धांत पर बनाया गया है, क्योंकि अधिकांश सैनिक राजस्थान के हैं। यह बटालियन क्षेत्र की विशेषताओं को समझती है और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
