मणिपुर में उग्रवादियों का खौफनाक हमला, दो मासूम बच्चों की हत्या
मणिपुर में दर्दनाक घटना
बिष्णुपुर: मणिपुर में जातीय हिंसा की बढ़ती घटनाओं के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। उग्रवादी संगठनों ने एक बार फिर से निर्दोष लोगों पर हमला किया है, जिसमें दो छोटे बच्चों की जान चली गई। इस हमले में बच्चों की मां भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और शोक का माहौल बना दिया है।
रात के अंधेरे में मासूमों की हत्या
यह घटना बिष्णुपुर जिले के मोइरांग त्रोंग्लाओबी गांव की है, जो चूराचांदपुर की सीमा के निकट स्थित है। जानकारी के अनुसार, 6 और 7 अप्रैल की रात लगभग एक बजे कुकी उग्रवादियों ने एक घर पर बम से हमला किया। उस समय एक मां अपने दो छोटे बच्चों के साथ सो रही थी। अचानक बम के धमाके ने उनकी नींद तोड़ दी और इस हमले में एक पांच साल का बच्चा और एक छह महीने की बच्ची की जान चली गई।
अस्पताल में बच्चों की मौत की पुष्टि
बम धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत खून से लथपथ मां और बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, और चिकित्सकों ने अस्पताल पहुंचते ही दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। घायल मां का इलाज जारी है। यह क्षेत्र पहले से ही कुकी उग्रवादियों के निशाने पर रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस हमले के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक टीएच शांति सिंह ने इस उग्रवादी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे कुकी नार्को आतंकियों का कृत्य बताया और कहा कि सभ्य समाज में ऐसी क्रूरता के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने मृत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।
