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मणिपुर में ड्रोन हमले से हड़कंप, कई घरों में आग

मणिपुर के कामजोंग जिले में हाल ही में हुए ड्रोन हमले ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस हमले में कई घरों में आग लग गई, एक महिला घायल हुई और दो लोग लापता हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इसे सीमा पार आतंकवादी हमला बताया है। हमले के बाद ग्रामीणों ने अपनी जान बचाने के लिए जंगलों में भागना शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जानें इस घटना के बारे में और क्या जानकारी मिली है।
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मणिपुर में ड्रोन हमले से हड़कंप, कई घरों में आग

मणिपुर में ड्रोन हमले की घटना


कई घरों में आग, हमलों में महिला घायल, दो लापता


इंफाल से मिली जानकारी के अनुसार, मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के निकट एक बार फिर से आतंकवादी हमले की खबर आई है। यह क्षेत्र लंबे समय से हिंसा का शिकार रहा है। हाल ही में, सीमा से सटे कई गांवों पर ड्रोन के माध्यम से हमले किए गए, जिसमें हल्की शक्ति के बमों का उपयोग किया गया।


इन हमलों के परिणामस्वरूप कई घरों में आग लग गई। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इन हमलों को सीमा पार से होने वाले आतंकवादी हमले के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जलते हुए घरों की तस्वीरें साझा कीं और कहा कि ये हमले भारत-म्यांमार सीमा के पार से सक्रिय बाहरी ताकतों द्वारा किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सीमा सुरक्षा मजबूत नहीं होगी, तब तक मणिपुर में स्थायी शांति संभव नहीं है।


हमले का तरीका

सूत्रों के अनुसार, इस हमले में एक महिला घायल हुई है और दो ग्रामीण लापता हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला रात करीब दो बजे नामली मार्केट और चोरो गांव के आसपास हुआ। आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने ड्रोन का उपयोग कर विस्फोटक गिराए और फिर गांवों में आगजनी की। कुछ रिपोर्टों में म्यांमार स्थित उग्रवादी संगठन केएनए-बी (कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा) का नाम भी लिया गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।


ग्रामीणों की सुरक्षा के प्रयास

हमले के बाद, कई ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए जंगलों और सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए। इसके बाद सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है और पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा से लगे संवेदनशील क्षेत्रों में हाल के महीनों में ड्रोन और आधुनिक तकनीक के उपयोग की आशंका पहले से जताई जा रही थी। इस हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।