मणिपुर में भूकंप के झटके: पूर्वोत्तर भारत में फिर से महसूस हुआ खतरा
मणिपुर में भूकंप का अनुभव
मणिपुर: मंगलवार की सुबह पूर्वोत्तर भारत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह 5:59 बजे मणिपुर में धरती हिली, जिससे स्थानीय निवासियों में भय का माहौल बन गया। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई, और इसका केंद्र मणिपुर के कामजोंग क्षेत्र में था।
भूकंप के झटके केवल मणिपुर तक सीमित नहीं रहे, बल्कि नागालैंड, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी महसूस किए गए। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
अप्रैल में भूकंप की श्रृंखला
पूर्वोत्तर राज्यों में अप्रैल में यह पहला भूकंप नहीं है। इससे पहले 7 अप्रैल को मणिपुर में दो बार भूकंप के झटके आए थे, जिनकी तीव्रता क्रमशः 4.3 और 3.0 थी। इन झटकों का प्रभाव अरुणाचल प्रदेश तक देखा गया था।
21 अप्रैल को आए भूकंप की तीव्रता 5.2 रही, और इसका केंद्र कामजोंग क्षेत्र में लगभग 62 किलोमीटर की गहराई पर था।
जापान में भी भूकंप का खतरा
भारत के अलावा, अन्य देशों में भी भूकंप का खतरा बना हुआ है। सोमवार को जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत सुनामी अलर्ट जारी किया।
अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है, क्योंकि समुद्र में 3 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई जा रही है।
कश्मीर में भी भूकंप के झटके
18 अप्रैल को कश्मीर घाटी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस भूकंप की तीव्रता 5.3 मापी गई थी, और इसका केंद्र अफगानिस्तान के बदाखशान प्रांत में था।
भूकंप के दौरान लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे, लेकिन इस घटना में भी किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली। भूकंप का केंद्र पृथ्वी की सतह से लगभग 190 किलोमीटर नीचे था, और इसके निर्देशांक 36.55 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 70.92 डिग्री पूर्वी देशांतर थे।
