मथुरा में गोरक्षक की मौत पर उत्तर प्रदेश सरकार की सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार ने मथुरा में एक गोरक्षक की संदिग्ध मौत पर त्वरित प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
हिंसा का भड़कना
चंद्रशेखर, जिन्हें 'फरसा वाले बाबा' के नाम से जाना जाता है, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हिंसा भड़क उठी। आक्रोशित भीड़ ने दिल्ली-आगरा हाईवे को जाम कर दिया और पथराव तथा तोड़फोड़ की, जिसके चलते पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कानून के पालन और जवाबदेही के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जांच
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चंद्रशेखर एक कंटेनर को रोकने का प्रयास कर रहे थे, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि संबंधित वाहनों और चालकों की पहचान कर ली गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
परिजनों का आरोप
परिजनों और समर्थकों का कहना है कि चंद्रशेखर गौ-तस्करों का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने ट्रक को रोकने की कोशिश की, लेकिन ट्रक चालक ने तेज गति से उन्हें कुचल दिया और मौके से भाग गया। घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके अलावा, पुलिस की 5-6 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है और हालात को सामान्य करने की कोशिश जारी है।
जांच और सुरक्षा उपाय
पुलिस प्रशासन ने कहा है कि घटना की जांच की जा रही है और सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने में जुटे हैं, जबकि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
