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मध्य-पूर्व में तनाव के बीच पीएम मोदी का पुराना वीडियो फिर से चर्चा में

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुराना वीडियो 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता को दर्शाता है। इस वीडियो में मोदी ने बताया कि कैसे भारत ने पाकिस्तान के एक हजार से अधिक मिसाइलों और ड्रोन के हमले को नाकाम किया। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस वीडियो को साझा करते हुए शांति की नाजुकता और भारत की सैन्य ताकत पर जोर दिया। जानें इस वीडियो में और क्या कहा गया है।
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मध्य-पूर्व में तनाव के बीच पीएम मोदी का पुराना वीडियो फिर से चर्चा में

मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव

नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंताओं को जन्म दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की पुष्टि के बाद, इस क्षेत्र में संघर्ष और भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसी संदर्भ में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रहा है, जिसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता और भारत की सैन्य शक्ति की प्रशंसा की गई है।


ऑपरेशन सिंदूर की सफलता

जुलाई 2025 में, प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 9 मई को पाकिस्तान ने लगभग एक हजार मिसाइलों और ड्रोन के माध्यम से भारत पर बड़ा हमला करने की कोशिश की थी। यदि ये मिसाइलें भारत के किसी भी हिस्से पर गिरतीं, तो तबाही मच जाती, लेकिन भारत ने उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया।


पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पाकिस्तान ने आदमपुर एयरबेस पर हमले का झूठ फैलाया और उसे साबित करने की कोशिश की। उन्होंने खुद आदमपुर जाकर इस झूठ को बेनकाब किया, जिससे पाकिस्तान को अपनी गलती का एहसास हुआ।


सोशल मीडिया पर चर्चा

भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि जब हम दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तबाही के दृश्य देखते हैं, तो यह हमें याद दिलाता है कि शांति कितनी नाजुक हो सकती है।


उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में बताया कि कैसे भारत ने 1000 से अधिक मिसाइलों और ड्रोन के हमले को सफलतापूर्वक नाकाम किया और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की।


अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में लिखा, 'बदलते युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों के इस दौर में तत्परता, तकनीकी क्षमता और निर्णायक नेतृत्व से बहुत फर्क पड़ता है। भारत का तेज डिफेंसिव जवाब हमारी सेना की ताकत और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। शांति केवल संयोग से नहीं, बल्कि तत्परता से बनी रहती है।'