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मध्य पूर्व में युद्ध के साए में फंसे भारतीय: सरकार से मदद की गुहार

मध्य पूर्व में इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा संकट में है। लगभग 90 लाख भारतीय, जो रोजगार या पढ़ाई के लिए वहां गए थे, अब युद्ध के साए में जी रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी मदद की गुहार लगाई जा रही है, जबकि विदेश मंत्रालय ने आपातकालीन हेल्पलाइन जारी की है। जानें इस गंभीर स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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मध्य पूर्व में युद्ध के साए में फंसे भारतीय: सरकार से मदद की गुहार

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर


नई दिल्ली: इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों ने मध्य पूर्व के पूरे क्षेत्र को युद्ध की स्थिति में डाल दिया है। ईरान की प्रतिक्रिया के चलते खाड़ी देशों में मिसाइल हमले और सायरन की आवाजें सुनाई दे रही हैं। दुबई और अबू धाबी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर भी अब खतरे में हैं। यहां लगभग 90 लाख भारतीय निवास करते हैं, जो रोजगार, शिक्षा या पर्यटन के लिए आए थे, लेकिन अब वे अनिश्चितता और भय के माहौल में जी रहे हैं। हवाई हमलों के कारण एयरस्पेस बंद होने से उनकी निकासी में कठिनाई हो रही है।


बम से बचने की कोशिश कर रहे भारतीय श्रमिक

खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय श्रमिक अब बमों से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं। एक दुबई में काम करने वाले श्रमिक ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह रोजगार की तलाश में आया था, लेकिन अब अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उसने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की है कि उन्हें जल्द निकाला जाए। बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और सऊदी अरब में रहने वाले भारतीयों के बीच भी भय का माहौल है, और सोशल मीडिया पर मदद की अपीलें तेजी से बढ़ रही हैं।


खतरे में फंसे छात्र मदद की मांग कर रहे हैं

ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र विशेष रूप से संकट में हैं। तेहरान में मेडिकल और एमबीए के छात्र वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगा रहे हैं। एक छात्रा ने बताया कि हालात बेहद खराब हैं और अगले पल का क्या होगा, यह नहीं पता। जम्मू-कश्मीर से लगभग 2000 छात्र ईरान में फंसे हुए हैं, जिनके लिए एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। पर्यटक भी दुबई और अबू धाबी में फंसे हुए हैं, जहां सायरन और हमलों की खबरें आम हो गई हैं।


आपातकालीन हेल्पलाइन जारी की गई

विदेश मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीयों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये नंबर चिकित्सा, सुरक्षा और निकासी संबंधी सहायता के लिए हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि वह स्थिति पर ध्यान दे रहा है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। भारत का मानना है कि संवाद और कूटनीति से ही इस संकट का समाधान निकाला जा सकता है।


नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता

मंत्रालय ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हो रही घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उसने सभी पक्षों से तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संप्रभुता का सम्मान करने का आग्रह किया है। भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और आवश्यकता पड़ने पर निकासी की तैयारी कर रहा है। फंसे भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे सतर्क रहें और हेल्पलाइन से संपर्क करें।