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मध्य प्रदेश में बुजुर्गों और कमजोर वर्गों पर अत्याचार: NCRB की नई रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2024 की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश में बुजुर्गों और कमजोर वर्गों पर अत्याचार के मामलों में चिंताजनक वृद्धि का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर है, जबकि अनुसूचित जनजातियों और जातियों के खिलाफ भी अपराधों की संख्या alarmingly उच्च है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में राज्य का स्थान पांचवां है, जबकि बच्चों के खिलाफ अपराधों में कमी आई है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।
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मध्य प्रदेश में बुजुर्गों और कमजोर वर्गों पर अत्याचार: NCRB की नई रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े

मध्य प्रदेश में अपराधों की alarming स्थिति


भोपाल: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने 2024 के लिए अपनी नवीनतम रिपोर्ट जारी की है, जिसमें देशभर में अपराधों के आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं। इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि बुजुर्गों और पिछड़े वर्गों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में मध्य प्रदेश सबसे आगे है, जो राज्य की कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।


बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी

NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में मध्य प्रदेश लगातार दूसरे वर्ष भी शीर्ष पर है। 2024 में राज्य में बुजुर्गों के खिलाफ कुल 5,857 मामले दर्ज किए गए हैं।


बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में शीर्ष 5 राज्य:


मध्य प्रदेश – 5,857
महाराष्ट्र – 4,918
कर्नाटक – 4,247
तेलंगाना – 2,907
तमिलनाडु – 1,898


अनुसूचित जनजातियों और जातियों पर अत्याचार

अनुसूचित जनजातियों (ST) के खिलाफ अपराधों में मध्य प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है, जहां 3,165 मामले दर्ज हुए हैं। अनुसूचित जातियों (SC) के खिलाफ अपराधों में भी मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है, जिसमें 7,765 मामले सामने आए हैं।


महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की स्थिति

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दिल्ली पहले स्थान पर है, जबकि मध्य प्रदेश इस मामले में पांचवें स्थान पर है। राज्य में महिलाओं के खिलाफ कुल 32,832 मामले दर्ज हुए हैं। रेप के मामलों में मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर है। अच्छी बात यह है कि बच्चों के खिलाफ अपराधों में कमी आई है, और मध्य प्रदेश इस श्रेणी में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष वह पहले स्थान पर था।


रिपोर्ट के निष्कर्ष

NCRB के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि मध्य प्रदेश में बुजुर्गों, आदिवासियों और दलितों की सुरक्षा को लेकर कई चुनौतियाँ बनी हुई हैं। हालांकि, राज्य सरकार का दावा है कि अपराधों पर नियंत्रण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इन आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। NCRB की यह रिपोर्ट कई राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है।