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मध्य प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं को मिली स्वीकृति, 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्र होगा लाभान्वित

मध्य प्रदेश की सरकार ने बुरहानपुर जिले में दो नई सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति दी है, जिससे लगभग 51 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इन परियोजनाओं से हजारों कृषक परिवारों को लाभ होगा। इसके अलावा, ग्रामीण सड़क विकास योजनाओं को भी जारी रखने की स्वीकृति दी गई है, जिससे सड़क और पुलों का निर्माण किया जाएगा। जानें इस महत्वपूर्ण विकास के बारे में विस्तार से।
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मध्य प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं को मिली स्वीकृति, 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्र होगा लाभान्वित

बुरहानपुर में नई सिंचाई परियोजनाओं का आगाज़

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने बुरहानपुर जिले में दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 51 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। 


राज्य के कैबिनेट मंत्री चेतन काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना की लागत 922 करोड़ 91 लाख रुपए है, और इससे खकनार तहसील के 42 गांवों की 17 हजार 700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे 11 हजार 800 कृषक परिवारों को लाभ होगा।


इसके अलावा, नेपानगर तहसील की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति दी गई है, जिसकी लागत 1,676 करोड़ 6 लाख रुपए है। इस परियोजना से 90 गांवों की 34 हजार 100 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे 22 हजार 600 कृषक परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।


मंत्री काश्यप ने आगे बताया कि मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक जारी रखने की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का अनुमानित व्यय 795 करोड़ 45 लाख रुपए होगा, जिसमें 1,039 किमी सड़क और 112 पुलों का निर्माण किया जाएगा। यह योजना बैगा, भारिया और सहरिया जैसी विशेष जनजातियों के लिए है।


इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की स्वीकृति दी गई है, जिसमें 17,196 करोड़ 21 लाख रुपए का अनुमानित व्यय होगा। इस योजना के तहत 20 हजार किमी सड़क और 1200 पुलों का निर्माण किया जाएगा।


मंत्रिपरिषद ने सड़क निर्माण के नवीनीकरण और उन्नयन के लिए भी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता की स्वीकृति दी है, जिसमें 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपए का व्यय होगा। इस योजना में 88 हजार 517 किमी मार्गों का नवीनीकरण और उन्नयन किया जाएगा।