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ममता बनर्जी का कलकत्ता हाई कोर्ट में पेश होना, चुनावी हिंसा पर उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनावी हिंसा से संबंधित मामले में पेश होकर कई सवाल उठाए। उन्होंने वकील के गाउन में कोर्ट में उपस्थित होकर अपनी पार्टी TMC के प्रति समर्पण दिखाया। इस मामले में राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप लगाए गए हैं, जो चुनावों के बाद हुए थे। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और ममता बनर्जी की रणनीति क्या होगी।
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ममता बनर्जी का कलकत्ता हाई कोर्ट में पेश होना, चुनावी हिंसा पर उठाए सवाल

कोलकाता में ममता बनर्जी की कोर्ट में उपस्थिति


कोलकाता: हाल ही में पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की पार्टी TMC को हार का सामना करना पड़ा है। इसके बाद से ममता बनर्जी लगातार चुनावों में धांधली के आरोप लगा रही हैं। अब एक बार फिर से उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में वकील के गाउन में नजर आईं।


ममता बनर्जी ने चुनाव के बाद हुई हिंसा से संबंधित जनहित याचिका (PIL) के मामले में मुख्य न्यायाधीश HC सुजॉय पाल के समक्ष पेश होने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का दौरा किया। उम्मीद है कि वह इस मामले की विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाएंगी। यह याचिका TMC नेता और वकील कल्याण बंदोपाध्याय के बेटे शीर्षान्या बंदोपाध्याय द्वारा दायर की गई थी।




राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप

राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पार्टी ऑफिसेज पर हमले का आरोप:


इस जनहित याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि चुनावों के बाद राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालयों पर हमले हुए थे। इन चुनावों ने TMC के 15 साल के शासन का अंत किया और राज्य में BJP को सत्ता में लाया। TMC ने एक एक्स पोस्ट में कहा कि कोर्ट में उनकी उपस्थिति उनके समर्पण को दर्शाती है। वह बंगाल के लोगों को कभी भी अकेला नहीं छोड़ेंगी। यहां देखें एक्स पोस्ट- 




TMC नेता कुणाल घोष ने कहा, "हमारी पार्टी का वोटर लिस्ट और काउंटिंग पर अपना मत है। हम विपक्ष में हैं, और अपनी भूमिका निभाएंगे।" अब यह देखना होगा कि ममता बनर्जी इस मामले को किस दिशा में ले जाती हैं।