ममता बनर्जी का केंद्र पर तीखा हमला: कोयला घोटाले के सबूतों का किया खुलासा
मुख्यमंत्री का आक्रामक बयान
बंगाल: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। कोलकाता में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कोयला घोटाले से संबंधित धनराशि लेने का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि उनके पास इस मामले में ठोस सबूत हैं, जो पेन ड्राइव में सुरक्षित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार ने दबाव की राजनीति जारी रखी, तो वह इन सबूतों को सार्वजनिक करने में संकोच नहीं करेंगी।
सीमा पार करने पर सबूत लाने की चेतावनी
“लक्ष्मण रेखा” पार हुई तो सबूत सामने लाऊंगी
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि वह संवैधानिक पद पर होने के कारण अब तक संयमित रही हैं। उन्होंने कहा कि सहनशीलता की एक सीमा होती है, और यदि वह सीमा पार की गई, तो वह चुप नहीं रहेंगी। ममता ने कहा कि उनके पास ऐसे दस्तावेज और पेन ड्राइव हैं, जिनके सामने आने से देश चौंक जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हित और पद की गरिमा के कारण वह अब तक चुप थीं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर सब कुछ उजागर कर देंगी।
ईडी की कार्रवाई और ममता का प्रतिवाद
ईडी की कार्रवाई और ममता का जवाब
ईडी की छापेमारी कथित अवैध कोयला खनन और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस घोटाले में I-PAC से जुड़े लेन-देन में करोड़ों रुपये की संदिग्ध राशि शामिल है। ममता ने जांच में हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष के रूप में चुनावी रणनीति और संवेदनशील दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए वहां गई थीं, न कि मुख्यमंत्री के रूप में।
राजनीतिक विवाद और आलोचना
अधिकारियों की मौजूदगी पर उठे सवाल
हालांकि, ममता के इस तर्क पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि वह पार्टी प्रमुख के रूप में वहां गई थीं, तो उनके साथ वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की उपस्थिति कैसे संभव थी। इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति में और गर्मी बढ़ा दी है।
कोयला घोटाले में केंद्रीय एजेंसियों पर आरोप
कोयला घोटाले में केंद्रीय एजेंसियों पर आरोप
ममता बनर्जी ने आगे आरोप लगाया कि कोयला घोटाले की राशि अंततः अमित शाह तक पहुंची। उन्होंने भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का भी नाम लिया। इसके साथ ही, उन्होंने बीएसएफ और सीआईएसएफ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियां कोयला तस्करी को रोकने में पूरी तरह असफल रही हैं। यह बयान बंगाल की राजनीति में केंद्र और राज्य के बीच टकराव को और बढ़ाता नजर आ रहा है।
