ममता बनर्जी का धरना: वोटर सूची में नाम हटाने का विरोध
ममता बनर्जी का धरना
कहा- चुनाव आयोग ने जिन वोटर को मृत बताया, मैं उन्हें सामने लाऊंगी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में वोटर सूची से नाम हटाने के खिलाफ धरना शुरू किया। यह प्रदर्शन दोपहर लगभग 2:15 बजे प्रारंभ हुआ और राज्य में चुनाव आयोग के दौरे से दो दिन पहले हो रहा है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इसकी जानकारी दी थी।
भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप
कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में ममता ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग बंगाली मतदाताओं को वोट डालने से रोकने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने इस साजिश को उजागर करने का संकल्प लिया। ममता ने आरोप लगाया कि पोस्ट-एसआईआर प्रक्रिया के बाद वोटर सूची से मनमाने ढंग से नाम हटाए जा रहे हैं।
गलत तरीके से मृत घोषित मतदाता
टीएमसी प्रमुख ने कहा कि संशोधित वोटर सूची में कई मतदाताओं को गलत तरीके से मृत घोषित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे धरना स्थल पर उन लोगों को लाकर दिखाएंगी, जिन्हें चुनाव आयोग ने मृतक के रूप में दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को चुनाव आयोग ने पोस्ट-एसआईआर के बाद संशोधित वोटर लिस्ट जारी की थी, जिसके बाद टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच टकराव बढ़ गया है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग प्रभावित
ममता ने कहा कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण राजनीतिक उद्देश्य से कर रहा है। हटाए गए नामों में अल्पसंख्यक समुदाय, प्रवासी मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक करोड़ से अधिक नाम हटाने का लक्ष्य पहले से तय था। एसआईआर के बाद 63.66 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
63.66 लाख नामों का हटना
28 फरवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से लगभग 63.66 लाख नाम, जो कुल मतदाताओं का लगभग 8.3% है, सूची से हटा दिए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.66 करोड़ से घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गई है।
