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ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें सीबीआई जांच की मांग की गई है। ममता बनर्जी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया है कि सुवेंदु अधिकारी ने कोयला घोटाले का पैसा इस्तेमाल किया। इसके अलावा, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को परेशान करने का आरोप लगाया है। जानें इस मामले में और क्या हुआ है और ममता बनर्जी ने क्या कदम उठाए हैं।
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ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

सीएम ममता पर रेड के दौरान फाइल ले जाने का आरोप


Mamata Banerjee Vs ED, नई दिल्ली/कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसके जवाब में बंगाल सरकार ने भी कोर्ट में केविएट दाखिल किया है, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि बिना उनके पक्ष को सुने कोई आदेश न दिया जाए। ईडी का आरोप है कि हाल ही में पॉलिटिकल कंसलटेंट फर्म (आई-पीएसी) के कार्यालय और उनके निदेशक के निवास पर हुई छापेमारी के दौरान राज्य सरकार ने रुकावट डाली।


ईडी ने सीबीआई जांच की मांग की

ईडी ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इससे पहले, शुक्रवार को ईडी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन कोर्ट में हंगामे के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई को 14 जनवरी तक के लिए टाल दिया। सीएम ममता बनर्जी ने कोलकाता में एक पैदल मार्च भी निकाला और ईडी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कराईं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ भी बयान दिए।


सुवेंदु अधिकारी ने मानहानि का नोटिस भेजा

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि कोयला घोटाले के पैसे का इस्तेमाल सुवेंदु अधिकारी ने किया और इसे अमित शाह को भेजा। उन्होंने कहा कि वे आमतौर पर प्रतिक्रिया नहीं देतीं, लेकिन अगर कोई उन्हें छेड़ता है तो वे चुप नहीं बैठेंगी। इस पर, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने ममता को मानहानि का नोटिस भेजा है, जिसमें उन्होंने 72 घंटे के भीतर आरोपों से संबंधित सबूत पेश करने की मांग की है।


मुख्य चुनाव आयुक्त को ममता का पत्र

ममता बनर्जी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त को एक दो पन्नों का पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर नागरिकों को परेशान करने का आरोप लगाया।


77 लोगों की हुई मौत

ममता ने पत्र में लिखा कि एसआईआर प्रक्रिया में मानवीय संवेदनशीलता का अभाव था। इस प्रक्रिया के कारण 77 लोगों की मौत हुई, 4 ने आत्महत्या का प्रयास किया और 17 लोग बीमार पड़े। उन्होंने कहा कि लोगों में डर और दबाव बना रहा और एसआईआर बिना तैयारी के किया गया।


नोबेल पुरस्कार विजेता को पहचान साबित करने को कहा गया

सीएम ने आरोप लगाया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन जैसे सम्मानित व्यक्तियों से भी पहचान साबित करने को कहा गया। इसी तरह कवि जॉय गोस्वामी, अभिनेता-सांसद दीपक अधिकारी और क्रिकेटर मोहम्मद शमी को भी इस प्रक्रिया का सामना करना पड़ा।


58.20 लाख लोगों के कटे नाम

पश्चिम बंगाल में एसआईआर की ड्राफ्ट लिस्ट में 58.20 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 7.66 करोड़ वोटर्स थे, जबकि ड्राफ्ट लिस्ट में 7.08 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 58.20 लाख वोटर्स में से 24.17 लाख मृत पाए गए, 1.38 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, और 32.65 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।