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मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे की भूख हड़ताल जारी, सरकार को दी चेतावनी

मनोज जरांगे की भूख हड़ताल आजाद मैदान में दूसरे दिन भी जारी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो वे पानी पीना बंद कर देंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार मराठा समुदाय के मुद्दों को हल करने के लिए सकारात्मक है। जानें इस आंदोलन के पीछे की कहानी और जरांगे की मांगें।
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मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे की भूख हड़ताल जारी, सरकार को दी चेतावनी

मनोज जरांगे की भूख हड़ताल का दूसरा दिन

मुंबई। आजाद मैदान में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की भूख हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी है। जरांगे ने स्पष्ट किया है कि जब तक मराठा समुदाय की मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। बीती रात मुंबई में हुई बारिश के कारण जरांगे और उनके समर्थकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मैदान में कीचड़ और पानी की कमी के चलते प्रदर्शनकारियों को असुविधा हो रही है।


सरकार की प्रतिक्रिया

देवेंद्र फडणवीस का बयान

मनोज जरांगे की मांग है कि मराठा समुदाय को ओबीसी वर्ग के तहत कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए, ताकि उन्हें नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का लाभ मिल सके। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार मराठा समुदाय के मुद्दों को हल करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है, लेकिन इसमें राजनीति का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि कैबिनेट की उप-समिति इस विषय पर चर्चा कर रही है और समाधान संविधान के दायरे में निकाला जाएगा।


जरांगे की चेतावनी

सरकार को दी गई चेतावनी

जरांगे ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि आरक्षण की मांग पर निर्णय लेने में देरी होती है, तो वे अगले दो दिनों में पानी पीना बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस मामले में देरी करती है, तो और अधिक मराठा लोग मुंबई आएंगे। जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार मराठों और ओबीसी के बीच विभाजन की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, 'हम अपना हक मांग रहे हैं, यह हमारी अंतिम लड़ाई है।'


सरकार के धैर्य की परीक्षा न लें

जरांगे का संदेश

जरांगे ने कहा कि मराठा समुदाय राजनीति में नहीं पड़ना चाहता, बल्कि केवल आरक्षण की मांग कर रहा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि वह मराठा समुदाय के धैर्य की परीक्षा न ले। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ओबीसी कोटे से आरक्षण की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि कुनबी श्रेणी के तहत अपने हक की मांग कर रहे हैं।


समर्थन में जुटे लोग

समर्थन में आए विपक्षी नेता

शुक्रवार को कई विपक्षी सांसदों और विधायकों ने आजाद मैदान में जरांगे से मुलाकात की और अपना समर्थन व्यक्त किया। प्रदर्शन के कारण मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस आरक्षण समर्थकों का केंद्र बन गया, जहां सैकड़ों लोग रात बिताने के लिए इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों ने बृहन्मुंबई नगर निगम पर सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया।


पुलिस की तैयारी

मुंबई पुलिस की छुट्टियां रद्द

मराठा आरक्षण आंदोलन को देखते हुए मुंबई पुलिस ने सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। जरांगे के समर्थन में हजारों लोग दक्षिण मुंबई में एकत्र हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लौटने के लिए कहा गया है।