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महंगी होली यात्रा: हवाई टिकटों की कीमतों में भारी वृद्धि

इस वर्ष होली के अवसर पर हवाई यात्रा के टिकटों की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे प्रवासियों को महंगी यात्रा का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल लौटने वाले यात्रियों के लिए हवाई सफर अब एक लक्जरी बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए सरकार से हलफनामा मांगा है। जानें इस महंगाई के पीछे के कारण और क्या है यात्रियों के लिए संभावित समाधान।
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महंगी होली यात्रा: हवाई टिकटों की कीमतों में भारी वृद्धि

महंगाई का सामना करते प्रवासी


नई दिल्ली: होली का त्योहार नजदीक आ रहा है, लेकिन अपने परिवार से मिलने का सफर इस बार बहुत महंगा साबित हो रहा है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल लौटने वाले यात्रियों के लिए हवाई यात्रा अब एक 'लक्जरी' बन गई है। 28 फरवरी (शनिवार) को होली से पहले के वीकेंड पर कई प्रमुख मार्गों पर हवाई टिकटों की कीमतें सामान्य से तीन गुना तक बढ़ गई हैं। ट्रेनों में पहले से ही 'नो रूम' की स्थिति है, जिससे एयरलाइंस ने डायनामिक प्राइसिंग के जरिए यात्रियों पर भारी बोझ डाल दिया है।


हवाई टिकटों की कीमतों में वृद्धि

आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली से गोरखपुर जाने वाली फ्लाइट का किराया, जो मार्च के अंत में लगभग 2,999 रुपये होता है, 28 फरवरी के लिए 8,563 रुपये तक पहुंच गया है, जो कि 185 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी तरह, बेंगलुरु-गोरखपुर रूट पर किराया 19,589 रुपये (प्लस टैक्स) के पार है। दिल्ली से पटना और गया के लिए भी यात्रियों को 11,000 से 12,000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि ऑफ-सीजन में यह महज 4,500 रुपये के करीब होता है। मुंबई से प्रयागराज के टिकट में भी 146 प्रतिशत का उछाल देखा गया है।


सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट सख्त: सरकार से मांगा हलफनामा 


बढ़ते हवाई किराए के इस गंभीर मुद्दे पर न्यायपालिका ने भी संज्ञान लिया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने टिकटों की तेजी से बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है। एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार को चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी, तब तक होली का त्योहार बीत चुका होगा, जिससे यात्रियों को तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है।


उछाल के कारण

क्या है इस उछाल की वजह? 


एयरलाइंस कंपनियां 'डायनामिक प्राइसिंग' का सहारा लेती हैं, जहां सीटों की मांग बढ़ने के साथ-साथ कीमतें भी बढ़ती जाती हैं। उत्तर भारत के छोटे शहरों के लिए सीमित नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स होने के कारण दबाव और बढ़ जाता है। हालांकि, डीजीसीए (DGCA) किराए के ट्रेंड की समीक्षा कर रहा है, लेकिन फिलहाल शुरुआती बुकिंग ही इस महंगे सौदे से बचने का एकमात्र विकल्प नजर आ रहा है।