महबूबा मुफ्ती ने आरएसएस के बयान का किया समर्थन, वार्ता की आवश्यकता पर जोर
महबूबा मुफ्ती का आरएसएस के बयान पर समर्थन
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबले के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ संवाद के रास्ते को खुला रखने की बात कही थी। मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए संवाद ही एकमात्र विकल्प है, और इसके लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले रहने चाहिए।
महबूबा का बयान पीडीपी के रुख का समर्थन
बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि होसबले का बयान न केवल स्वागत योग्य है, बल्कि यह पीडीपी के दृष्टिकोण का भी समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि पार्टी के संस्थापक और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का भी यही मानना था कि जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत आवश्यक है।
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी का उल्लेख
महबूबा मुफ्ती ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि वाजपेयी जी का मानना था कि दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं। इसलिए, पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना जरूरी है, और यह संवाद के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि वाजपेयी और मनमोहन सरकार के दौरान आतंकवादी गतिविधियों में कमी का एक बड़ा कारण इन दोनों सरकारों के बीच जारी संवाद था।
ट्रैक-2 डिप्लोमेसी के सकारात्मक परिणाम
पीडीपी प्रमुख ने बताया कि उनके अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में ट्रैक-2 डिप्लोमेसी की शुरुआत हुई है, जिसमें दोनों देशों के पूर्व और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मुलाकातें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस डिप्लोमेसी के सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है। महबूबा ने एक बार फिर कहा कि जम्मू-कश्मीर की शांति के लिए आरएसएस का बयान सकारात्मक और स्वागत योग्य है।
