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महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में एमए दर्शनशास्त्र की शुरुआत

महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल में इस सत्र से एमए दर्शनशास्त्र की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। विश्वविद्यालय ने दाखिले की समय सीमा बढ़ा दी है, जिससे छात्र 31 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटें खाली हैं। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे आप दाखिला ले सकते हैं।
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महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में एमए दर्शनशास्त्र की शुरुआत

कैथल में संस्कृत विश्वविद्यालय की नई पहल

महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल: इस शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में संस्कृत भाषा में एमए दर्शनशास्त्र की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। इसके लिए जल्द ही एक शेड्यूल जारी किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में आवश्यक फाइल उच्च अधिकारियों को भेज दी है, और उम्मीद है कि इसे दो से तीन दिनों में मंजूरी मिल जाएगी।


दाखिले की समय सीमा बढ़ाई गई


यह ध्यान देने योग्य है कि प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी संस्कृत में एमए दर्शनशास्त्र की पढ़ाई नहीं होती है। पहले चरण में विश्वविद्यालय ने 20 सीटें निर्धारित की हैं, और यदि छात्रों की संख्या अधिक होती है, तो सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इस पाठ्यक्रम में आधुनिक और पश्चिमी दर्शनशास्त्र का भी अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने दाखिले की समय सीमा बढ़ा दी है, जिससे छात्र 31 अगस्त तक दाखिला ले सकते हैं।


विभिन्न पाठ्यक्रमों में कई सीटें खाली हैं, इसलिए महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल (कपिलन् हरिका) के अस्थाई परिसर में दाखिला प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है। इस प्रक्रिया के लिए केवल तीन दिन शेष हैं।


शास्त्री प्रथम वर्ष में 250 सीटों में से लगभग 180 सीटें खाली हैं। आचार्य प्रथम वर्ष में 250 में से 130 सीटें खाली हैं। डिप्लोमा प्रथम वर्ष में 250 में से 110 सीटें खाली हैं। इस प्रकार, जिले और प्रदेश के छात्रों के लिए दाखिले का यह एक अच्छा अवसर है।


भवन निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है


विश्वविद्यालय के भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, और उम्मीद है कि अगले दो से तीन महीनों में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, दर्शन, वेद, और धर्मशास्त्र जैसे विषयों में शास्त्री (बीए) और आचार्य (एमए) पाठ्यक्रम संचालित हैं।


इसके अतिरिक्त, योग में बीए और एमए, और हिंदू अध्ययन में एमए पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। नवाचार और रोजगार कार्यक्रमों के तहत वेद, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, वैदिक गणित, और कर्मकांड में डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने का अवसर है, और जल्द ही नए भवन में कक्षाएं शुरू होंगी।


संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजय गोयल ने बताया कि एमए दर्शनशास्त्र के लिए शेड्यूल जल्द ही जारी किया जाएगा। इसके अलावा, अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया है, ताकि जो विद्यार्थी पहले किसी कारणवश दाखिला नहीं ले पाए थे, वे अब दाखिला ले सकें।