महान राष्ट्रों की राजनीति: गैंगस्टर और वेश्याओं का खेल
महान राष्ट्रों का व्यवहार
जब मैंने आज लिखना शुरू किया, तो 'द इकॉनोमिस्ट' पत्रिका के ऐप पर एक कोट पढ़ा — "महान राष्ट्र हमेशा गैंगस्टरों की तरह व्यवहार करते हैं, जबकि छोटे राष्ट्र वेश्याओं की तरह।" इस वाक्य ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि अमेरिका-ईरान युद्ध, वैश्विक राजनीति और भारत की विदेश नीति पर लिखने के लिए और क्या बचा है? यह एक वाक्य 185 देशों के इतिहास और वर्तमान को समेटे हुए है!
स्टैनली क्यूब्रिक का दृष्टिकोण
यह उद्धरण प्रसिद्ध फिल्मकार स्टैनली क्यूब्रिक का है, जिन्होंने युद्ध, सत्ता और मानव स्वभाव पर कई बेहतरीन फिल्में बनाई हैं। क्यूब्रिक ने हमेशा वैश्विक मुद्दों को अपने काम में दर्शाया है।
राजनीतिक वेश्यावृत्ति
महाशक्तियों की गुंडागर्दी के सामने छोटे देशों की स्थिति क्या होती है? अक्सर, उन्हें अपने राष्ट्रीय हितों को छोड़कर झुकना पड़ता है। भारत की नई पीढ़ी शायद इस वेश्यावृत्ति के अर्थ को नहीं समझती।
इतिहास की परछाई
भारत का राजनीतिक इतिहास भी वेश्याओं और दरबारी जनों के अनुभवों से भरा हुआ है। मुगलों और राजाओं के समय में भी यह स्थिति रही है।
वर्तमान महाशक्तियाँ
2026 में, कौन सी महाशक्तियाँ हैं जो अन्य देशों को झुकाने में सक्षम हैं? मेरा मानना है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सूची में शामिल हैं।
इजराइल और अमेरिका का गठजोड़
नेतन्याहू की बुद्धि और तकनीक ने अमेरिका को प्रभावित किया है। उनके नेतृत्व में, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं।
पश्चिम एशिया की स्थिति
पश्चिम एशिया के अरब देशों ने इजराइल के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जबकि नेतन्याहू ने अरब लोगों के खिलाफ कई बार हिंसा की है।
अर्थव्यवस्था और शक्ति
अरब देशों ने तेल से धन कमाया है, लेकिन इजराइल की तरह ज्ञान और स्वतंत्रता की भूख नहीं दिखाई है।
अंतिम विचार
महान राष्ट्रों की राजनीति में छोटे देशों की स्थिति हमेशा कमजोर रही है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वैश्विक मंच पर अपनी छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
