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महाप्रभु चंदन यात्रा 2026: ओडिशा के पुरी में भव्य उत्सव की शुरुआत

महाप्रभु चंदन यात्रा 2026, ओडिशा के पुरी में अक्षय तृतीया से आरंभ होने जा रही है। यह 21 दिनों का उत्सव भगवान जगन्नाथ को गर्मी से राहत देने के लिए चंदन का लेप लगाने का आयोजन है। इस उत्सव में देवी-देवताओं को सजाई गई नावों पर ले जाकर नरेंद्र सरोवर तालाब में नौका विहार कराया जाता है। जानें इस भव्य उत्सव के महत्व और इसकी विशेषताओं के बारे में।
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महाप्रभु चंदन यात्रा 2026: ओडिशा के पुरी में भव्य उत्सव की शुरुआत

महाप्रभु चंदन यात्रा का महत्व


महाप्रभु चंदन यात्रा 2026: ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर का प्रमुख उत्सव महाप्रभु चंदन यात्रा अक्षय तृतीया से आरंभ होगा। यह 21 दिनों तक चलने वाला उत्सव 20 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 10 मई 2026 तक मनाया जाएगा। यह जगन्नाथ मंदिर का सबसे लंबा उत्सव है, जो कुल 42 दिनों तक चलता है।


यह उत्सव भगवान जगन्नाथ को गर्मी से राहत देने के लिए चंदन का लेप लगाने का आयोजन है। यह रथ यात्रा की तैयारियों की शुरुआत का प्रतीक है और भक्तों को चंदन सेवा के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति का अवसर प्रदान करता है।


इस उत्सव को दो चरणों में बांटा गया है: बाहरी चंदन और भीतरी चंदन। पहले चरण में, प्रमुख देवी-देवताओं (मदनमोहन, भूदेवी, श्रीदेवी और रामकृष्ण) को एक भव्य जुलूस में नरेंद्र सरोवर तालाब तक ले जाया जाता है। यहाँ, वे गर्मी से राहत पाने के लिए सजाई गई नावों पर औपचारिक नौका विहार का आनंद लेते हैं। देवी-देवताओं पर चंदन का लेप लगाया जाता है, जो उन्हें ठंडक प्रदान करता है। यह उत्सव वार्षिक रथ यात्रा के लिए रथ निर्माण की शुरुआत का भी प्रतीक है।


चंदन यात्रा भक्तों और भगवान के बीच प्रेम का प्रतीक है, जो तालाब के पवित्र जल पर सजी हुई नावों में देवताओं के मनमोहक दृश्य से चिह्नित होती है।