Newzfatafatlogo

महाराष्ट्र कांग्रेस ने अंबरनाथ में बीजेपी के साथ गठबंधन करने वाले पार्षदों को निलंबित किया

महाराष्ट्र कांग्रेस ने अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी के साथ गठबंधन करने वाले अपने 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया है। इस निर्णय के पीछे पार्टी अध्यक्ष का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी स्थिति में बीजेपी के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। अंबरनाथ में बीजेपी और कांग्रेस का गठबंधन शिंदे गुट की शिवसेना के लिए एक बड़ा झटका है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के सभी पहलुओं के बारे में।
 | 
महाराष्ट्र कांग्रेस ने अंबरनाथ में बीजेपी के साथ गठबंधन करने वाले पार्षदों को निलंबित किया

मुंबई में राजनीतिक हलचल


मुंबई: महाराष्ट्र कांग्रेस ने अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी के साथ गठबंधन करने वाले अपने सभी 12 पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, ब्लॉक कांग्रेस की पूरी कार्यकारिणी को भी भंग कर दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में बीजेपी के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जो भी नेता ऐसा करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


राजनीतिक समीकरण में अचानक बदलाव

मुंबई से लगभग 70 किलोमीटर दूर अंबरनाथ नगर परिषद में एक अप्रत्याशित राजनीतिक घटना घटी। यहां बीजेपी ने कांग्रेस के साथ मिलकर शिंदे गुट की शिवसेना को सत्ता से बाहर कर दिया। इस गठबंधन के परिणामस्वरूप बीजेपी का नगर अध्यक्ष चुना गया।


अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीजेपी और कांग्रेस के इस गठबंधन को 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' का नाम दिया गया है। अंबरनाथ को शिंदे गुट की शिवसेना का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे सांसद हैं। हालिया नगर परिषद चुनाव में 60 सीटों के परिणाम इस प्रकार हैं:


बीजेपी- 14 सीटें
शिवसेना- 27 सीटें
कांग्रेस- 12 सीटें
एनसीपी- 4 सीटें
निर्दलीय- 2 सीटें


शिंदे गुट की नाराजगी

बीजेपी के कांग्रेस के साथ जाने से शिंदे गुट की शिवसेना काफी नाराज है। गुट के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्टी कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करती है, वही अब कांग्रेस के साथ मिलकर शिवसेना को कमजोर कर रही है। उन्होंने इसे गलत और अस्वाभाविक गठबंधन बताया। सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी कहा कि इस फैसले पर बीजेपी नेताओं को जवाब देना चाहिए।


विकास की राजनीति का समर्थन

श्रीकांत शिंदे ने आगे कहा कि बीजेपी और शिवसेना कई वर्षों से केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर एक साथ काम कर रहे हैं और यह गठबंधन मजबूत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंबरनाथ में शिवसेना ने सत्ता में रहते हुए विकास कार्य किए हैं और आगे भी शिवसेना विकास को प्राथमिकता देने वालों के साथ खड़ी रहेगी।


मुख्यमंत्री फडणवीस की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। फडणवीस ने आश्वासन दिया कि अंबरनाथ में स्थानीय स्तर पर लिया गया निर्णय बदला जाएगा और कांग्रेस के साथ कोई समझौता नहीं रहेगा।