महाराष्ट्र की पहली महिला डीजीपी रश्मि शुक्ला ने सेवानिवृत्त होकर किया भावुक विदाई
रश्मि शुक्ला का विदाई समारोह
मुंबई: शनिवार को महाराष्ट्र पुलिस की पहली महिला डीजीपी रश्मि शुक्ला ने अपने सेवा काल को समाप्त किया। विदाई के अवसर पर उन्होंने भावुकता के साथ कहा कि यह पल उनके लिए अतीत की यादों में खो जाने जैसा है। उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस से मिली शिक्षा और अनुभव को सराहा।
रश्मि शुक्ला ने अपने सेवानिवृत्ति के मौके पर कहा, "मैं भारतीय पुलिस सेवा से रिटायर हो रही हूं, और यह मेरे लिए एक अत्यंत भावुक क्षण है। महाराष्ट्र पुलिस ने मुझे बहुत कुछ दिया है और मैंने यहां बहुत कुछ सीखा है। हमारी टीम ने मिलकर महाराष्ट्र पुलिस को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। मुझे गर्व है और मैं सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देती हूं।"
उनके सम्मान में दादर स्थित नायगांव पुलिस ग्राउंड में एक विदाई समारोह आयोजित किया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। यह समारोह उनके लंबे और उल्लेखनीय सेवा काल को समर्पित था।
1988 बैच की आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला ने महाराष्ट्र पुलिस की कमान संभालकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया था। वह राज्य की पुलिस प्रमुख बनने वाली पहली महिला अधिकारी थीं। उनके कार्यकाल को कई महत्वपूर्ण निर्णयों और उपलब्धियों के लिए याद किया जाएगा, हालांकि यह कुछ विवादों से भी जुड़ा रहा।
महा विकास आघाड़ी सरकार के दौरान रश्मि शुक्ला के खिलाफ कथित फोन टैपिंग मामले में केस दर्ज किए गए थे, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल पैदा की। हालांकि, बाद में ये सभी मामले वापस ले लिए गए।
इसके अलावा, विधानसभा चुनावों के दौरान विपक्षी दलों ने उन पर पक्षपात के आरोप लगाए थे, जिसके चलते चुनाव आयोग ने उनका तबादला करने का आदेश दिया था। लेकिन रश्मि शुक्ला को पुनः उनके पद पर बहाल कर दिया गया।
सेवा के अंतिम दिन मिले सम्मान और विदाई संदेश के साथ रश्मि शुक्ला ने महाराष्ट्र पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा निष्ठा और टीम भावना के साथ कार्य किया। उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
