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महाराष्ट्र के शहरी निकाय चुनाव: बीएमसी में त्रिकोणीय मुकाबला

महाराष्ट्र में 29 शहरी निकायों के चुनाव में बीएमसी की 227 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला हो रहा है। उद्धव और राज ठाकरे के लिए यह चुनाव अस्तित्व का प्रश्न है, जबकि भाजपा और एकनाथ शिंदे का गठबंधन भी मैदान में है। इस बार का चुनाव मराठी मानुष और हिंदुत्व के मुद्दों पर केंद्रित है। सभी पार्टियां गठबंधन तोड़कर चुनाव लड़ रही हैं, जिससे चुनावी परिदृश्य और भी दिलचस्प हो गया है।
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महाराष्ट्र के शहरी निकाय चुनाव: बीएमसी में त्रिकोणीय मुकाबला

शहरी निकाय चुनाव की तैयारी

मुंबई। महाराष्ट्र के 29 शहरी निकायों के लिए मतदान गुरुवार को होगा, जिसमें बृहन्नमुंबई महानगर निगम (बीएमसी) की 227 सीटें शामिल हैं। इस बार बीएमसी का चुनाव त्रिकोणीय हो गया है, जो उद्धव और राज ठाकरे के लिए अस्तित्व का प्रश्न बन गया है। 20 वर्षों के बाद, दोनों भाई एक साथ चुनावी मैदान में हैं। दूसरी ओर, भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना का गठबंधन भी सक्रिय है। कांग्रेस तीसरे मोर्चे के रूप में प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है।


चुनाव प्रचार का समापन

शहरी निकाय चुनाव के लिए प्रचार समाप्त हो चुका है और नेता मतदान की तैयारियों में जुटे हैं। वोटों की गिनती 16 जनवरी को होगी। प्रचार के अंतिम दिन, उद्धव और राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और एकनाथ शिंदे पर हमला किया, जबकि फड़नवीस और शिंदे ने ठाकरे बंधुओं पर पलटवार किया। इस बार का चुनाव मराठी मानुष और हिंदुत्व के मुद्दों पर केंद्रित है। भाजपा और ठाकरे बंधु का दावा है कि केवल मराठी बोलने वाला हिंदू ही मुंबई का मेयर बनेगा।


मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने प्रचार के अंतिम दिन कहा, 'मैं राज ठाकरे को बताना चाहता हूं कि उद्धव ठाकरे ने राज्य में हिंदी भाषा को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है।' उन्होंने यह भी कहा कि ठाकरे को मुझ पर टिप्पणी करने के बजाय असली सच्चाई जानने के लिए उद्धव से पूछना चाहिए। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्हें मराठी मानुष की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया।


बीएमसी का चुनाव और उम्मीदवार

शिवसेना ने 1997 से 2022 तक, यानी 25 वर्षों तक बीएमसी पर नियंत्रण रखा। उद्धव ठाकरे के लिए अपने पिता की विरासत को बचाने के लिए बीएमसी का चुनाव जीतना आवश्यक है। बीएमसी के साथ 28 अन्य नगर निगमों के चुनाव भी हो रहे हैं। इस चुनाव में 15,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। बीएमसी में कुल 227 वार्ड हैं, जहां 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। बीएमसी की 227 सीटों में से 32 सीटों पर कांग्रेस या उसके गठबंधन के उम्मीदवार नहीं हैं।