महाराष्ट्र में अशोक खरात का मामला: यौन शोषण के आरोप और राजनीतिक हलचल
मामले की गंभीरता
नासिक, महाराष्ट्र से आए अशोक खरात का मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़े नेटवर्क की कहानी बन चुका है, जो विश्वास और भय पर आधारित है। 67 वर्षीय खरात, जिन्हें 'कैप्टन' के नाम से जाना जाता था, पर एक महिला ने यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अब एक विशेष जांच टीम (SIT) उनके करोड़ों के साम्राज्य और प्रभावशाली संपर्कों की गहन जांच कर रही है।
नौसेना से ज्योतिषी बनने का सफर
अशोक खरात ने 22 वर्षों तक मर्चेंट नेवी में काम किया और फिर अपने गांव लौटकर ज्योतिष और अंकशास्त्र में कदम रखा। उनकी संवाद कौशल और अंग्रेजी-हिंदी पर पकड़ ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। धीरे-धीरे, उन्होंने लोगों को उनके नाम और जन्मतिथि के आधार पर सलाह देना शुरू किया, जिससे उनकी पहचान और बढ़ी।
महंगी फीस और बढ़ती पहचान
जैसे-जैसे उनकी पहचान बढ़ी, उनके ग्राहक भी बदलने लगे। अब वे न केवल आम लोगों, बल्कि बड़े व्यवसायियों, रियल एस्टेट के कारोबारियों और नेताओं से भी सलाह लेने लगे। खास बात यह है कि अमीर ग्राहकों से वे एक विजिट के लिए 50 लाख रुपये तक की फीस लेते थे, जिससे उनकी छवि और मजबूत हुई। पुलिस के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
यौन शोषण के आरोप और सबूत
मामला तब गंभीर मोड़ पर पहुंचा जब एक 27 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि 2022 से 2025 के बीच खरात ने उसके साथ बार-बार यौन शोषण किया। एफआईआर में कहा गया है कि खरात ने डर दिखाकर और नशीले पदार्थों का उपयोग करके अपराध किया। पुलिस को एक पेन ड्राइव में 58 आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं, जो मामले को और गंभीर बनाते हैं।
राजनीतिक हलचल
इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। 2022 में खरात के ट्रस्ट में उनकी उपस्थिति को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। संजय राउत ने इसे बड़ा खुलासा बताते हुए जांच की मांग की है। राज्य सरकार ने SIT का गठन कर जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस पूरे नेटवर्क की सच्चाई कितनी गहरी है।
महिलाओं के अधिकारों की रक्षा
शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह महाराष्ट्र की एपस्टीन फाइल खुल गई है। उन्होंने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकंकर पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका काम महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाना है। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें चाकंकर खरात के पैर धोते हुए नजर आई थीं, जिसके बाद उनके इस्तीफे की मांग तेज हो गई है।
