महिला आरक्षण कानून में संशोधन से बदल सकती है 2029 की लोकसभा चुनाव की तस्वीर
महिला आरक्षण का नया अध्याय
नई दिल्ली। देश की राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार महिला आरक्षण कानून में संशोधन करने की योजना बना रही है, जिससे इसे 2029 के लोकसभा चुनाव में लागू किया जा सके। यह कानून 2024 के चुनाव से पहले लागू किया गया था, और अब इसके संशोधन के लिए विधेयक लाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यदि यह संशोधन लागू होता है, तो लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें से 33 प्रतिशत यानी लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह कदम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
नए प्रस्तावित समीकरण के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 120 लोकसभा सीटें होंगी, जिनमें से 40 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। बिहार में सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 होने की संभावना है, जिसमें 20 सीटें महिलाओं के लिए होंगी। इसी तरह, महाराष्ट्र में सीटें 48 से बढ़कर 72 हो सकती हैं, जिनमें 24 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। पश्चिम बंगाल में सीटों की संख्या 42 से बढ़कर 63 होने की संभावना है, जिसमें 21 सीटें महिलाओं को मिलेंगी।
दक्षिण भारत के राज्यों की चिंताओं को भी ध्यान में रखा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीटों का निर्धारण 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा, जिससे राज्यों के बीच संतुलन बना रहेगा। तमिलनाडु में सीटें 39 से बढ़कर 59 हो सकती हैं, जिनमें 20 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। मध्य प्रदेश में कुल 44 सीटें प्रस्तावित हैं, जिनमें 15 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
छोटे राज्यों में भी बदलाव संभव है। अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा में सीटें 2 से बढ़कर 3 हो सकती हैं। वहीं, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम में 2 सीटें होने का प्रस्ताव है। दिल्ली में सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 11 होने की संभावना है, जिनमें 4 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। जम्मू-कश्मीर में सीटें 5 से बढ़कर 8 होने का अनुमान है, जिनमें 3 महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी।
सूत्रों के अनुसार, इस संशोधन को लेकर सरकार विपक्षी दलों से बातचीत कर रही है। अमित शाह ने कई विपक्षी नेताओं से चर्चा की है और उन्हें आश्वासन दिया है कि 2029 के चुनाव में सीटों का निर्धारण 2011 की जनगणना के आधार पर ही किया जाएगा। यदि यह योजना सफल होती है, तो 2029 का लोकसभा चुनाव नए राजनीतिक समीकरणों और महिलाओं की मजबूत भागीदारी के साथ ऐतिहासिक बन सकता है।
