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महिला आरक्षण पर मायावती का कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला

महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के बीच, मायावती ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दोनों पार्टियों को गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली बताया और SC, ST व OBC वर्गों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। मायावती ने परिसीमन और मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण पर भी सवाल उठाए। जानें उनके बयान और राजनीतिक स्थिति के बारे में।
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महिला आरक्षण पर मायावती का कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला

महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देशभर में बहस चल रही है। संसद में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव ने परिसीमन विधेयक 2026 और महिला आरक्षण पर सरकार को घेरते हुए अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। इस बीच, मायावती ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला किया है।


मायावती का आरोप

बहुजन समाजवादी पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से दोनों पार्टियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली पार्टियां हैं। महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस अब SC, ST और OBC वर्गों की बात कर रही है, जबकि इसने अपने शासनकाल में इन वर्गों के आरक्षण को लागू करने की कोई कोशिश नहीं की।'


कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए

मायावती ने कांग्रेस पर और भी आरोप लगाते हुए कहा कि OBC वर्ग के लिए मण्डल कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार 27 प्रतिशत आरक्षण को भी कांग्रेस ने लागू नहीं किया। उन्होंने बताया कि यह आरक्षण बाद में बीएसपी के प्रयासों से पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह की सरकार में लागू हुआ।


समाजवादी पार्टी पर भी निशाना

मायावती ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला करते हुए कहा कि इसने मुस्लिम समुदाय को लाभ पहुंचाने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि बीएसपी की पहली सरकार ने इसे तुरंत लागू किया। इसके अलावा, उन्होंने अखिलेश यादव की मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग पर भी सवाल उठाए।


परिसीमन पर मायावती का दृष्टिकोण

मायावती ने परिसीमन के मुद्दे पर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि महिला आरक्षण के लिए यदि परिसीमन करना है, तो इसे पिछली जनगणना के आधार पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में होती, तो वह भी बीजेपी की तरह ही कदम उठाती।


सामाजिक चेतना की आवश्यकता

मायावती ने कहा कि SC, ST, OBC और मुस्लिम समाज के वास्तविक हितों के लिए कोई भी पार्टी गंभीर नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे राजनीतिक दलों से सावधान रहें जो दोहरे चरित्र के हैं। उन्होंने यह भी सलाह दी कि समाज को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना आवश्यक है।