महिला आरक्षण पर यूपी विधानसभा में डॉ. पल्लवी पटेल की तीखी टिप्पणी
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र में डॉ. पल्लवी पटेल का बयान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर चर्चा करते हुए सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि इस मुद्दे पर बात करने से पहले यह समझना आवश्यक है कि भाजपा सरकार की नीति और नीयत महिलाओं, विशेषकर वंचित समुदाय की महिलाओं के प्रति सही नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार तक, विपक्षी दलों के खिलाफ बिना मांगे सफाई, निंदा और सड़कों पर अनावश्यक प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, जो कि उनकी असल मंशा को दर्शाता है।
डॉ. पटेल ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं को आरक्षण देने में रुचि नहीं रखती, इसलिए इसे परिसीमन और जनगणना जैसे मुद्दों से जोड़कर लटकाया जा रहा है। यदि उनकी मंशा सही होती, तो 2023 में पारित विधेयक की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता। उन्होंने यह भी बताया कि इतने समय के बाद भी कोई गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। वर्तमान भाजपा सरकार अब वोटों की गणना में असफलता के डर से आत्मघाती राजनीतिक प्रचार कर रही है।
महिला आरक्षण का असली मुद्दा सामाजिक न्याय है। आज उत्तर प्रदेश की महिलाएं भाजपा सरकार से पूछ रही हैं कि 2023 में पारित होने के बाद भी महिला आरक्षण को लागू करने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए गए? साथ ही, इस विधेयक में वंचित समुदाय की महिलाओं की भागीदारी के लिए ठोस प्रावधान क्यों नहीं किए गए, यह दर्शाता है कि भाजपा महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है। भाजपा ने कई कानून रातों-रात बनाए हैं, लेकिन महिला आरक्षण पर केवल दिखावा कर रही है।
