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महिला आरक्षण पर संसद में गरमागरम बहस, सपा ने उठाए सवाल

गुरुवार को संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान सपा और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। सपा ने महिला आरक्षण में पिछड़ी जातियों के लिए अलग कोटा की मांग की और जनगणना को लेकर सवाल उठाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनगणना की प्रक्रिया की पुष्टि की और सपा पर तंज कसा। जानें इस महत्वपूर्ण बहस के सभी पहलुओं के बारे में।
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महिला आरक्षण पर संसद में गरमागरम बहस, सपा ने उठाए सवाल

महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा

महिला आरक्षण।   गुरुवार को संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत के साथ ही महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित तीन महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए गए। इन विधेयकों पर चर्चा के दौरान लोकसभा का माहौल काफी गर्म रहा, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। समाजवादी पार्टी ने जनगणना और महिला आरक्षण को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 का विरोध करते हुए कहा कि महिला आरक्षण में पिछड़ी जातियों की महिलाओं के लिए अलग कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए।

सपा ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से अलग करना उचित नहीं है, क्योंकि सही आंकड़ों के बिना इसका लाभ सुनिश्चित करना मुश्किल होगा। पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जनगणना अब तक क्यों नहीं कराई गई। इन आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इस बार सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का निर्णय लिया है।

बहस के दौरान अमित शाह ने सपा पर तंज करते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी को मौका मिलता, तो वह हर घर को जातियों में बांट देती। वहीं, धर्मेंद्र यादव द्वारा मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की मांग पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान के खिलाफ है और इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी चाहे तो अपनी पार्टी में सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे, इसमें हमें कोई आपत्ति नहीं है।