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महिला आरक्षण बिल पर कंगना रनौत का जोरदार भाषण, संसद में गहमागहमी

कंगना रनौत ने संसद में महिला आरक्षण बिल पर एक प्रभावशाली भाषण दिया, जिसमें उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी का महिलाओं के लिए उपहार बताया। चर्चा के दौरान, उन्होंने विपक्ष की मानसिकता पर भी सवाल उठाए। जानें इस महत्वपूर्ण सत्र में क्या हुआ और कंगना ने क्या कहा।
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महिला आरक्षण बिल पर कंगना रनौत का जोरदार भाषण, संसद में गहमागहमी

संसद में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा


नई दिल्ली: गुरुवार को संसद के विशेष सत्र में लोकसभा की कार्यवाही में काफी हलचल देखने को मिली। इस दौरान महिला आरक्षण बिल पर सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा हुई। कई बार बहस तीखी हो गई, लेकिन कुछ क्षण ऐसे भी आए जब माहौल हल्का-फुल्का और मजेदार हो गया। एक विशेष क्षण तब आया जब मंडी से सांसद ने इस बिल पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए खड़ी हुईं।


कंगना रनौत का ऐतिहासिक बयान

कंगना रनौत ने इस बिल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की ओर से देश की महिलाओं और बेटियों के लिए एक उपहार है। उन्होंने कहा, 'यह ऐसा इशारा है, मानो पीएम मोदी कह रहे हों, 'जाओ बेटियों, अपनी जिंदगी जियो।'




कंगना का विपक्ष पर हमला

कंगना रनौत ने आगे क्या कहा?


सदन में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर चर्चा देर रात तक चलती रही। लोकसभा में बोलते हुए कंगना ने कहा कि जब भी कुछ सकारात्मक होता है, कांग्रेस पार्टी घबरा जाती है। 'एक तरफ प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण है, दूसरी तरफ विपक्ष के सदस्य हैं।'


विपक्ष पर कंगना का तंज


कंगना ने मुलायम सिंह यादव के तर्क का जिक्र करते हुए कहा कि अगर यह बिल पास हुआ, तो केवल शहरी महिलाएं ही सदन में पहुंचेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह विपक्ष की सोच को दर्शाता है। जब वह राजनीति में आई थीं, तब इसी मानसिकता के लोगों ने उनके पोस्टर लगाए और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।


उन्होंने कहा, 'आज सच में एक ऐतिहासिक दिन है। यह बिल पीएम मोदी की ओर से हमारी माताओं और बहनों के लिए एक उपहार है। एक संदेश जो कहता है, 'आगे बढ़ो, मेरी बेटियों, और अपनी जिंदगी जियो!'


सरकार और विपक्ष के बीच बहस

पक्ष-विपक्ष में किस बात पर हुई बहस?


सरकार ने इस बिल की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि विपक्ष ने सरकार के इरादों पर सवाल उठाए। इस दौरान परिसीमन का मुद्दा भी उठाया गया। विपक्षी सांसदों ने कहा कि वे महिलाओं के आरक्षण का समर्थन करते हैं, लेकिन केवल तभी जब परिसीमन को इससे अलग किया जाए।