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महिला की सूझबूझ से बची सह-यात्री की जान, ट्रेन में हुआ अद्भुत घटनाक्रम

कोच्चि के त्रिपुनिथुरा रेलवे स्टेशन पर एक 59 वर्षीय महिला ने अपनी सूझबूझ से एक सह-यात्री की जान बचाई। जब एक यात्री ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में गिरने वाला था, उषा सुरेश बाबू ने तुरंत कार्रवाई की। उनकी त्वरित सोच और साहस ने न केवल उस व्यक्ति की जान बचाई, बल्कि सभी सह-यात्रियों की प्रशंसा भी बटोरी। जानें इस अद्भुत घटना के बारे में विस्तार से।
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महिला की सूझबूझ से बची सह-यात्री की जान, ट्रेन में हुआ अद्भुत घटनाक्रम

त्रिपुनिथुरा रेलवे स्टेशन पर अद्भुत साहस

शुक्रवार की सुबह, कोच्चि के निकट त्रिपुनिथुरा रेलवे स्टेशन पर एक 59 वर्षीय महिला ने अपनी सूझबूझ से एक सह-यात्री की जान बचाई। पोषण विशेषज्ञ उषा सुरेश बाबू, जो कोच्चि में रहती हैं, वन्चिनाड एक्सप्रेस में सवार थीं, जब उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति बगल के डिब्बे में चढ़ने की कोशिश करते हुए गिरने वाला है। ट्रेन केवल एक मिनट के लिए रुकने वाली थी और तभी 71 वर्षीय मुहमद अब्दुल ने चढ़ने का प्रयास किया और फिसल गए।
उषा ने उनकी मदद के लिए चिल्लाने की आवाज सुनी और तुरंत मुड़ीं। उन्होंने अब्दुल की बांह पकड़ ली और अन्य सह-यात्रियों से मदद की गुहार लगाई। उनकी पुकार सुनकर, महाराजा कॉलेज के दो शिक्षक, सुमी जॉय ओलियपुरम और संतोष टी वर्गीस, जो ट्रेन में मौजूद थे, ने आपातकालीन चेन खींची, जिससे ट्रेन रुक गई। एक युवक की मदद से अब्दुल को सुरक्षित वापस ट्रेन के डिब्बे में खींच लिया गया।
उन्हें मामूली चोटें आईं और पहले त्रिपुनिथुरा तालुक अस्पताल ले जाया गया, फिर आगे के इलाज के लिए कोच्चि के कलामस्सेरी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उषा ने कहा कि उन्होंने अपने इस कार्य को कोई विशेष नहीं माना और बस प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खुशी जताई कि उन्होंने मदद की और कुछ भी बुरा नहीं हुआ। उनकी त्वरित कार्रवाई ने रेलवे अधिकारियों और सह-यात्रियों से प्रशंसा प्राप्त की। उनके पति, टी सुरेश बाबू ने भी इस साहसिक कार्य के लिए उन्हें बधाई दी।