महिलाओं की स्थिति में सुधार: NFHS-6 रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
महिलाओं की डिजिटल दुनिया में भागीदारी
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2023-24 की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि महिलाएं डिजिटल युग का हिस्सा बन रही हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी भी सुधार की आवश्यकता है। NFHS-6 के अनुसार, भारतीय महिलाओं की शिक्षा, डिजिटल पहुंच और आर्थिक अधिकारों में वृद्धि हुई है, लेकिन संपत्ति स्वामित्व, बाल विवाह और परिवार नियोजन जैसे मुद्दे अभी भी बने हुए हैं।
बाल विवाह की स्थिति
सर्वे के अनुसार, 20 से 24 वर्ष की आयु की 20.1% महिलाएं 18 वर्ष की कानूनी उम्र से पहले विवाह कर चुकी हैं। हर पांच में से एक महिला ने बाल विवाह का सामना किया है, जो पिछले सर्वेक्षण के मुकाबले बेहतर है। 2019-20 में यह आंकड़ा 23.3% था, लेकिन बाल विवाह अब भी एक गंभीर चिंता का विषय है।
शिक्षा में सकारात्मक बदलाव
शिक्षा के क्षेत्र में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। 73.7% महिलाओं ने स्कूल की पढ़ाई पूरी की है, जो पहले 71.8% थी। 10 साल से अधिक पढ़ाई करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 41% से बढ़कर 46.4% हो गया है। इंटरनेट का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी होकर 33.2% से 64.3% तक पहुंच गई है।
सुधार की कमी वाले क्षेत्र
- अपना घर: महिलाओं के पास खुद या संयुक्त रूप से घर या जमीन का स्वामित्व केवल 18.8% है, जो पहले 14% था। सामाजिक रूढ़िवादिता अभी भी महिलाओं के जीवन को प्रभावित कर रही है।
- परिवार नियोजन: परिवार नियोजन में महिलाओं की भूमिका असमान है। नसबंदी की दर 36.5% है, जो पहले 37.9% थी, यह दर्शाता है कि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी अधिकतर महिलाओं पर है।
- घरेलू हिंसा: कुछ राज्यों में घरेलू हिंसा की स्थिति चिंताजनक है। हालांकि, पति द्वारा शारीरिक, यौन या भावनात्मक हिंसा का शिकार होने वाली महिलाओं का प्रतिशत 29.2% से घटकर 22.3% हो गया है। लेकिन केरल में यह बढ़कर 17.7% हो गया है।
- तंबाकू और शराब का उपयोग: देश में तंबाकू और शराब का उपयोग घट रहा है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में तंबाकू का उपयोग 38% से घटकर 34.6% हो गया है, जबकि महिलाओं में यह 8.9% से घटकर 7.2% रह गया है।
सर्वे के निष्कर्ष
ग्रामीण और कमजोर वर्गों में इन आदतों का प्रचलन अभी भी अधिक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये आदतें कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। NFHS-6 के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि महिलाओं के विकास में प्रगति हो रही है, लेकिन सामाजिक बंधनों को तोड़ने के लिए और प्रयासों की आवश्यकता है।
