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महिलाओं के आरक्षण पर संसद में विशेष सत्र: महत्वपूर्ण अपडेट

केंद्र सरकार ने महिलाओं के आरक्षण पर चर्चा के लिए संसद में विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र में महत्वपूर्ण विधेयकों पर मतदान होने वाला है, जिसमें महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। विपक्ष ने इस कानून को लागू करने पर सवाल उठाए हैं। जानें इस विषय पर ताजा अपडेट और संसद में हो रही गतिविधियों के बारे में।
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महिलाओं के आरक्षण पर संसद में विशेष सत्र: महत्वपूर्ण अपडेट

महिलाओं के आरक्षण पर विशेष सत्र

केंद्र सरकार ने महिलाओं के आरक्षण पर चर्चा के लिए संसद और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में एक विशेष सत्र का आयोजन किया है। यह सत्र शनिवार को अपने दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा में परिसीमन और संविधान संशोधन से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयकों पर मतदान होने की संभावना है। ये विधेयक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने से जुड़े हैं।


गुरुवार को, सरकार ने महिला आरक्षण कानून 2023 को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी की। विपक्ष का तर्क है कि इस कानून को मौजूदा लोकसभा में लागू नहीं किया जा सकता, और सरकार इसका उपयोग परिसीमन के लिए कर रही है। यह अधिनियम संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है, जो कि 2029 तक प्रभावी रह सकता है। हालांकि, परिसीमन पूरा होने के बाद ही इसे लागू किया जा सकेगा।


आइए जानते हैं संसद के दोनों सदनों में क्या गतिविधियाँ चल रही हैं।


महत्वपूर्ण अपडेट्स

पढ़िए हर जरूरी अपडेट-


Live Updates




2026-04-17T11:51



परिसीमन में कोई बदलाव नहीं हुआ है: संजय कुमार झा


JDU सांसद संजय कुमार झा ने कहा, 'पीएम मोदी ने अपने भाषण में स्पष्ट किया है कि परिसीमन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कांग्रेस के समय में जो हुआ, वही अब हो रहा है। 2023 में इसे पास किया गया था, तो विरोध किस बात का है? क्या लोकतंत्र पर खतरा है? उन्हें इस देश की महिलाओं पर विश्वास नहीं है।'


 



 





2026-04-17T11:51



पीएम मोदी ने असंभव को संभव बनाया: कंगना रनौत


फिल्म अभिनेत्री और मंडी लोकसभा सीट से सांसद कंगना रनौत ने महिला आरक्षण पर कहा, 'महिलाओं को बहुत-बहुत बधाई। इस बिल ने महिलाओं में उत्साह जगाया है। पीएम मोदी ने असंभव को संभव बना दिया है। 30 साल से अटके इस बिल को पारित किया है।'


 



 





2026-04-17T11:51



BJP को समझना मुश्किल है, SIR की बात करते हैं, NRC कर देते हैं: अखिलेश यादव


संसद के बाहर, अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'भारतीय जनता पार्टी को समझना कठिन है। बीजेपी के निर्णयों को समझना मुश्किल है। जब लोगों से कहा गया कि उनका SIR होगा, तो SIR के बहाने NRC कर रहे थे। अगर भविष्य में NRC होगी, तो ये कौन से नए कागज मांगेंगे? यूपी में हमने देखा कि SIR के बहाने NRC कर रहे थे। अब महिला आरक्षण के बहाने ये अपने मनमर्जी से परिसीमन कर रहे हैं, जिससे ये कभी हार नहीं सकते। जनता देख रही है, जब बीजेपी मतदान के लिए जाएगी, तो ये बुरी तरह हारेंगे।'