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माजा च्वालिंस्का ने फ्रेंच ओपन 2026 में रचा इतिहास, पहली क्वालिफायर बनीं फाइनल में

पोलैंड की 24 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी माजा च्वालिंस्का ने फ्रेंच ओपन 2026 में सेमीफाइनल जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने रूस की डायना श्नाइडर को हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई। च्वालिंस्का, जो विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर हैं, ने इस टूर्नामेंट में अब तक नौ मुकाबले जीते हैं। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें ओपन एरा में ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचने वाली दूसरी क्वालिफायर बना दिया है। फाइनल में उनकी भिड़ंत मीरा एंड्रीवा से होगी, जो रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है।
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माजा च्वालिंस्का ने फ्रेंच ओपन 2026 में रचा इतिहास, पहली क्वालिफायर बनीं फाइनल में

फ्रेंच ओपन 2026 में माजा च्वालिंस्का की ऐतिहासिक जीत

पेरिस: पोलैंड की 24 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी माजा च्वालिंस्का ने फ्रेंच ओपन 2026 में एक अद्भुत प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिला एकल सेमीफाइनल में रूस की डायना श्नाइडर को सीधे सेटों में 7-6(4), 6-4 से हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ, वह रोलैंड गैरोस के इतिहास में महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली क्वालिफायर बन गई हैं।


च्वालिंस्का, जो विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर हैं, ने इस टूर्नामेंट में अब तक कुल नौ मुकाबले जीते हैं। इनमें तीन मैच क्वालिफाइंग दौर और छह मैच मुख्य ड्रॉ में शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें ओपन एरा में ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचने वाली दूसरी क्वालिफायर बना दिया है। इससे पहले, यह कारनामा ब्रिटेन की एम्मा राडुकानू ने 2021 यूएस ओपन में किया था, जहां उन्होंने खिताब भी जीता था।


सेमीफाइनल में च्वालिंस्का ने अपने शानदार खेल से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने स्पिन, गति और शॉट्स की दिशा में लगातार बदलाव करते हुए श्नाइडर पर दबाव बनाए रखा। उनकी बेहतरीन फिटनेस, तेज मूवमेंट और मजबूत डिफेंस ने जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। च्वालिंस्का और श्नाइडर के बीच मुकाबला दो घंटे 10 मिनट तक चला।


जीत के बाद भावुक च्वालिंस्का कोर्ट पर बैठ गईं। उन्होंने कहा, “यह किसी सपने के सच होने जैसा है। मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि मैंने क्या हासिल किया है। मैं बहुत खुश हूं और शब्दों में अपनी भावना व्यक्त नहीं कर सकती।” इस उपलब्धि के साथ, च्वालिंस्का इवोन गूलागोंग (1971) और क्रिस एवर्ट (1973) के बाद रोलैंड गैरोस के मुख्य ड्रॉ में अपने पहले ही अभियान में फाइनल तक पहुंचने वाली तीसरी महिला खिलाड़ी बन गई हैं।


फाइनल में च्वालिंस्का की भिड़ंत 8वीं वरीयता प्राप्त मीरा एंड्रीवा से होगी। यह दोनों खिलाड़ियों के बीच पहली भिड़ंत होगी, जिससे फाइनल मुकाबला रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है। च्वालिंस्का ने कहा, “मैंने पहले ही 9 मैच खेले हैं, इसलिए मुझे कोर्ट की परिस्थितियों की अच्छी समझ है। मैंने मीरा का खेल भी देखा है और वह शानदार खेल रही हैं। यह मेरे लिए एक बड़ा अवसर है और मैं फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।”