मिजोरम में शांति समझौता: हमार पीपुल्स कन्वेंशन का मुख्यधारा में शामिल होना
मिजोरम सरकार और हमार पीपुल्स कन्वेंशन के बीच समझौता
मिजोरम सरकार ने हमार पीपुल्स कन्वेंशन (डेमोक्रेटिक) के नेतृत्व में लाल्हमिंगथांगा सनाते के साथ एक महत्वपूर्ण शांति समझौता किया है। यह राज्य, जो लंबे समय से हिंसा और विद्रोह का केंद्र रहा है, अब इस संगठन के मुख्यधारा में शामिल होने की दिशा में बढ़ रहा है। साकवरदा में स्थित सिनलुंग हिल्स काउंसिल के मुख्यालय में हुए इस समझौते के बाद, राज्य में सशस्त्र विद्रोह की संभावनाएं समाप्त होती दिखाई दे रही हैं।
सरकार ने हमार समुदाय के लोगों को आश्वासन दिया है कि उनके विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, बजट में वृद्धि की जाएगी, और बेहतर सड़कें और बिजली की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अलावा, बिजली और इंटरनेट सेवाओं को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का वादा किया गया है.
समझौते की प्रक्रिया
समझौते पर गृह विभाग के सचिव पीयू डेविड लाल्थांतलुआंगा ने सरकार की ओर से और HPC-D (LF) के अध्यक्ष पीयू लाल्हमिंगथांगा सनाते ने अपने संगठन की ओर से हस्ताक्षर किए हैं.
पीयू लालमुआनपुइया पुंते, गृह सचिव, मिजोरम:-
जब लोगों की विकास की उम्मीदें पूरी नहीं होतीं तो अशांति पैदा होती है। यह समझौता हमार क्षेत्रों में विकास लाएगा।
समझौते की आवश्यकता
गृह सचिव पीयू डेविड लाल्थांतलुआंगा ने कहा कि यह समझौता मिजोरम में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मिजोरम सरकार ने पहले भी हमार ग्रुप के HPC और HPC-D के साथ समझौते किए थे, लेकिन आम जनता को इन समझौतों की जानकारी कम थी। अब साकवरदा में जनता की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि हमार समुदाय में गुटबाजी समाप्त हो जाएगी.
HPC-D(LF) के भविष्य की योजना
मिजोरम सरकार ने HPC-D(LF) के कैडरों के पुनर्वास के लिए मौचार गांव के निकट एक शांति शिविर स्थापित करने की योजना बनाई है। लड़ाके 30 अप्रैल 2026 तक अपने हथियार सौंपेंगे.
मिजोरम सरकार ने HPC-D(LF) को राज्य का अंतिम भूमिगत सशस्त्र गुट माना था और जून 2024 के बाद इस संगठन के साथ बातचीत शुरू की गई थी. सितंबर 2024 से मार्च 2026 तक कई दौर की वार्ता हुई, जिसके परिणामस्वरूप 9 अप्रैल को समझौते का ड्राफ्ट तैयार किया गया और 14 अप्रैल को हस्ताक्षर किए गए.
HPC-D (LF) का इतिहास और उद्देश्य
हमार पीपुल्स कन्वेंशन-डेमोक्रेसी (HPC-D) एक अलगाववादी संगठन है, जो 1995 में हमार पीपुल्स कन्वेंशन-डेमोक्रेसी से अलग हुआ था। इसकी स्थापना 1986 में हुई थी और यह मिजोरम के उत्तर और पूर्वोत्तर क्षेत्र में हमार समुदाय के लिए स्वशासन की मांग करता है. 1986 के मिजो शांति समझौते से असंतुष्ट होकर HPC ने 1987 से सशस्त्र संघर्ष शुरू किया.
यह संगठन अपहरण, हमले और वसूली जैसे कार्यों में भी संलग्न रहा है. 1994 में मिजोरम सरकार के साथ समझौता होने के बाद भी कुछ कैडर असंतुष्ट रहे और उन्होंने HPC-D का गठन किया.
HPC का उद्देश्य
HPC गुटों का प्राथमिक उद्देश्य पहले स्वायत्त जिला बनाना था, लेकिन बाद में यह मिजोरम, मणिपुर और असम के हमार बहुल क्षेत्रों को मिलाकर एक स्वतंत्र हमार राज्य बनाने की मांग तक पहुंच गया. यह संगठन मिजोरम, मणिपुर के चुराचांदपुर जिले और असम के कछार व नॉर्थ कछार हिल्स में सक्रिय रहा है. संगठन पर आरोप लगते रहे हैं कि इसके कैडर आदिवासियों की रक्षा के नाम पर पैसे भी वसूलते रहे हैं.
