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मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव: ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष जारी

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने मध्य पूर्व में स्थिति को गंभीर बना दिया है। इजरायल ने ईरान के तेल भंडारण स्थलों पर हमले किए हैं, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइल हमले किए हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि ईरान अमेरिका और इजरायल के साथ छह महीने तक संघर्ष जारी रख सकता है। जानिए इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव: ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष जारी

मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति

नई दिल्ली: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का प्रभाव पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। वर्तमान में स्थिति के शांत होने की कोई संभावना नहीं दिखती। अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं, जबकि ईरान भी मिसाइलों के माध्यम से जवाबी कार्रवाई कर रहा है।


इजरायल ने ईरान के तेल भंडारण स्थलों पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के लिए और भी 'सरप्राइज' तैयार हैं। शनिवार को तेहरान और उसके निकटवर्ती शहर करज में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।


इजरायली सेना ने कई ईंधन भंडारण स्थलों पर बमबारी की, जिससे आसमान में आग और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में हमले के स्थानों से बड़ी-बड़ी लपटें उठती नजर आ रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाते हुए तेहरान और अल्बोर्ज प्रांत में कई तेल भंडारण डिपो पर हमले किए हैं।


इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को फार्स न्यूज एजेंसी को बताया कि ईरान अमेरिका और इजरायल के साथ कम से कम छह महीने तक संघर्ष जारी रखने में सक्षम है।


IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सशस्त्र सेनाएं मौजूदा ऑपरेशन की गति के साथ कम से कम छह महीने तक संघर्ष जारी रख सकती हैं।” गार्ड्स ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों और उनसे संबंधित 200 से अधिक स्थानों को निशाना बनाया है।