मुंबई के दुर्गाड़ी किले में बकरीद पर विवाद, शिवसैनिकों ने किया विरोध प्रदर्शन
दुर्गाड़ी किले में बकरीद का बवाल
मुंबई के कल्याण क्षेत्र में स्थित दुर्गाड़ी किले में बकरीद के अवसर पर एक बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ। इस किले में एक ईदगाह और एक मंदिर दोनों मौजूद हैं, जो आपसी सौहार्द का प्रतीक माने जाते हैं। हर साल ईद के मौके पर मंदिर को बंद किया जाता है, और इस बार भी प्रशासन ने यही कदम उठाया। लेकिन गुरुवार को बकरीद के दिन मंदिर में प्रवेश पर रोक लगने से स्थिति बिगड़ गई।
पुलिस की तैनाती और हिरासत में लिए गए नेता
इस घटना के बाद भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। भाजपा के नगर सेवक महेश पाटिल को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने मंदिर में हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के खिलाफ हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान किया।
बकरीद पर क्या हुआ?
जब दुर्गाड़ी किले में बकरीद की नमाज अदा की जा रही थी, तब प्रशासन ने दुर्गा देवी मंदिर में हिंदुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी। इस पर शिवसेना और अन्य हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किले की सुरक्षा में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया।
40 वर्षों से चल रहा है विरोध
एडीसीपी संजय जाधव ने बताया कि दुर्गाड़ी किले में पिछले 30 से 40 वर्षों से हर साल विरोध प्रदर्शन होते आ रहे हैं। प्रशासन को इस बात की जानकारी थी, इसलिए पहले से ही सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है ताकि ईद की नमाज में कोई बाधा न आए।
महाआरती का आयोजन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के नेता विजय साल्वी ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और उनके नेतृत्व में दुर्गा देवी मंदिर में महाआरती का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे भी उठाए हुए थे। बताया गया है कि शिवसेना के एक अन्य गुट ने भी किले में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
