मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे का ऐतिहासिक गठबंधन: BMC चुनाव के लिए बड़े वादे
मुंबई में गठबंधन की घोषणा
मुंबई: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने बीएमसी चुनाव के लिए एकजुटता दिखाई है। दोनों नेताओं ने मुंबई के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं। इस अवसर पर, उन्होंने एक संयुक्त घोषणापत्र भी जारी किया। राज ठाकरे ने 20 साल बाद दादर के शिवाजी पार्क स्थित शिवसेना भवन का दौरा किया, जो उनके लिए विशेष महत्व रखता है।
राज ठाकरे का भावनात्मक पल
राज ठाकरे ने क्या कहा?
शिवसेना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने वर्तमान राजनीतिक स्थिति, लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया। राज ठाकरे ने कहा कि 20 साल बाद यहां आना उनके लिए एक भावनात्मक अनुभव है। उन्होंने कहा कि यहां आकर ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वह जेल से बाहर आए हैं। मनसे प्रमुख ने 1977 की एक घटना का उल्लेख किया, जब शिवसेना भवन में जनता पार्टी ने जुलूस निकाला था, जिसके जवाब में उनके शिवसैनिकों ने प्रतिक्रिया दी थी.
BMC चुनाव के लिए घोषणापत्र
BMC चुनाव के लिए घोषणा पत्र किया जारी
दोनों नेताओं ने इस गठबंधन को मराठी मानुष और मुंबई के हितों की रक्षा के लिए शिव शक्ति बताया। घोषणापत्र जारी करते हुए उद्धव और राज ठाकरे ने कहा कि इसे जनता के चरणों में समर्पित किया गया है। इसमें सस्ती आवास योजना, महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के कई वादे शामिल हैं।
महिलाओं के लिए नई योजना
महिलाओं के लिए किस योजना का किया ऐलान?
शिवसेना यूबीटी और एमएनएस गठबंधन ने घरेलू कामकाजी महिलाओं और कोली समाज की महिलाओं के लिए स्वाभिमान निधि योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत इन महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना के समान होगी। इसके अलावा, मीना ताई ठाकरे के नाम पर मां साहेब रसोई शुरू करने का वादा किया गया है, जहां केवल 10 रुपये में नाश्ता और दोपहर का भोजन मिलेगा.
भाजपा पर तीखा हमला
भाजपा पर बोला तीखा हमला
घोषणापत्र जारी करते समय दोनों नेताओं ने भाजपा पर कड़ा हमला किया। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले वोटों की चोरी होती थी और अब उम्मीदवारों की चोरी हो रही है। उन्होंने मांग की कि जिन सीटों पर बिना मुकाबले उम्मीदवार जीते हैं, वहां दोबारा चुनाव कराए जाएं और रिटर्निंग अधिकारियों के कॉल रिकॉर्ड की जांच होनी चाहिए.
