मुंबई में सोने की तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़
सोने की तस्करी का बड़ा खुलासा
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बड़े सोने की तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। राजस्व खुफिया निदेशालय ने एक ऑपरेशन के तहत लगभग 30 किलो सोना जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 38 करोड़ रुपये है। इस कार्रवाई में 24 विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया, जो तस्करी के लिए कैरियर के रूप में कार्यरत थीं।
ऑपरेशन धहाबू ब्लिट्ज की सफलता
राजस्व आसूचना निदेशालय ने 8 अप्रैल को 'ऑपरेशन धहाबू ब्लिट्ज' के तहत इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। अधिकारियों को पहले से जानकारी मिली थी कि नैरोबी से आने वाली कुछ महिला यात्री बड़ी मात्रा में सोना लेकर मुंबई पहुंचेंगी। इस सूचना के आधार पर, टीम ने एयरपोर्ट पर घेराबंदी की और 24 विदेशी महिलाओं को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से 25.10 किलो सोने की ईंटें और 4.27 किलो सोने के आभूषण बरामद हुए।
तस्करी का संगठित नेटवर्क
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह अत्यंत संगठित तरीके से काम कर रहा था। गिरफ्तार की गई महिलाएं प्रशिक्षित कैरियर थीं, जिन्हें सोना छिपाने और सुरक्षा जांच से बचने के विशेष तरीके सिखाए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और नए कैरियर तैयार करने में लगा हुआ है। यह मामला दर्शाता है कि तस्कर अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर अधिक योजनाबद्ध और तकनीकी तरीके अपना रहे हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो गया है।
बेंगलुरु में समान नेटवर्क का खुलासा
मुंबई के साथ-साथ बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी इसी तरह के एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। वहां सोने को पेस्ट के रूप में कैप्सूल में छिपाकर शरीर के अंदर ले जाया जा रहा था। तस्करी के दौरान एयरपोर्ट के संवेदनशील क्षेत्रों, जैसे वॉशरूम और स्मोकिंग जोन, का उपयोग किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अंदरूनी लोग इस नेटवर्क की मदद कर रहे थे, जो प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहुंच का गलत इस्तेमाल कर रहे थे।
जांच जारी, मास्टरमाइंड की खोज
गिरफ्तार महिलाओं को अदालत में पेश किया जाएगा और उनसे पूछताछ जारी है। एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है, जिसमें विदेशी ऑपरेटिव और घरेलू सहयोगी मिलकर काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे आर्थिक अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी और देश की वित्तीय सुरक्षा को कमजोर करने वाले नेटवर्क को समाप्त किया जाएगा।
