मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जी रामजी योजना पर कांग्रेस के विरोध का दिया जवाब
कांग्रेस के विरोध पर मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण
केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को बदलकर जी रामजी योजना लागू करने पर कांग्रेस के विरोध का मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को योजना में कोई कमी नजर आती है, तो उन्हें तथ्यों के साथ सामने आना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केवल विरोध करना उचित नहीं है।
भोपाल में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जी रामजी योजना के तहत ग्रामीणों को मिलने वाले लाभ और राज्य को होने वाले फायदों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मनरेगा में जहां 100 दिन का काम मिलता था, वहीं इस नई योजना के तहत 125 दिन का काम उपलब्ध होगा। इसके अलावा, ग्राम पंचायतों के सुझावों के आधार पर कार्य किए जाएंगे, जिसमें गोशाला और तालाब निर्माण जैसे कार्य भी शामिल हैं।
कांग्रेस द्वारा जी रामजी योजना का लगातार विरोध किया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि कांग्रेस के नेता, चाहे वे मल्लिकार्जुन खड़गे हों, राहुल गांधी या जीतू पटवारी, उन्हें इस योजना की कमियों को तथ्यात्मक रूप से बताना चाहिए। विपक्ष में होने के नाते केवल विरोध करना उचित नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि इस योजना के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत है। गोपालन, मछली पालन और कुटीर उद्योग के क्षेत्रों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा ताकि रोजगार में वृद्धि हो सके और आर्थिक स्थिति में सुधार आए। यह योजना राज्य के 15 विभागों से जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसमें केंद्र सरकार द्वारा 60-40 का प्रावधान किया गया है, और राज्य सरकार इसे पहले ही लागू कर चुकी है।
