मुरादाबाद में मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर
मुठभेड़ में मारा गया बदमाश
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी आशु चड्ढा उर्फ मोंटी को एक मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई एसटीएफ की मेरठ यूनिट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। आशु चड्ढा को कुख्यात उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर माना जाता था, जो लंबे समय से पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ था।
पुलिस के अनुसार, आशु चड्ढा पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और रंगदारी जैसे 36 गंभीर मामलों में आरोप थे। हाल ही में, वह मुरादाबाद के एक व्यवसायी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जानलेवा हमले के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी, जब एसटीएफ को उसकी लोकेशन के बारे में सूचना मिली।
सूचना के आधार पर, एसटीएफ ने घेराबंदी की, जिसके बाद बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान आशु चड्ढा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक स्विफ्ट कार, .32 बोर की फैक्ट्री मेड पिस्टल, एक रिवॉल्वर, 12 बोर की बंदूक, भारी मात्रा में कारतूस और कई खोखे बरामद किए हैं। यह बरामदगी उसके आपराधिक नेटवर्क और गतिविधियों को दर्शाती है।
पुलिस जांच में पता चला है कि आशु का मूल निवास हापुड़ जिले के मीरपुर कला गांव में था। वर्ष 2010 में हत्या के एक मामले में वह जेल गया था, जहां उसकी मुलाकात उधम सिंह गैंग के सदस्यों से हुई। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद, उसने इस गैंग के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे, उसने अपराध को अपना पेशा बना लिया और लूट, हत्या और रंगदारी जैसी वारदातों में सक्रिय हो गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वह गैंग का एक भरोसेमंद शूटर बन चुका था और कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है। एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ ने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान इसी तरह जारी रहेगा।
