मोगा में नशा मुक्ति केंद्र से 30 मरीजों का फरार होना, स्टाफ पर हमला
मोगा नशा मुक्ति केंद्र में हुई घटना
मोगा में नशा मुक्ति केंद्र पर हमला
मोगा के थाना कोट इसे खां के अंतर्गत स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में बुधवार शाम को एक गंभीर घटना हुई। यहां उपचाराधीन नशा पीड़ितों ने अचानक केंद्र के स्टाफ और सुरक्षा गार्ड पर हमला कर दिया। इसके बाद, उन्होंने सुरक्षा कर्मियों से मुख्य गेट की चाबियां छीनकर ताला तोड़कर लगभग 30 मरीज भाग गए। इस घटना के बाद, केंद्र के स्टाफ ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। इस केंद्र में कुल 95 मरीज भर्ती थे।
पुलिस की जांच जारी
गांव जनेर के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से बुधवार शाम करीब 7:30 बजे 28 से 30 मरीजों ने स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की करते हुए गेट का ताला तोड़कर भागने में सफलता पाई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि मरीजों और स्टाफ के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी, जो बाद में हाथापाई में बदल गई।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना
इस घटना का पूरा विवरण सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। सूचना मिलते ही कोट इसे खां थाने की पुलिस और उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फरार हुए युवकों की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों और उनके घरों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। सेंटर के आसपास लगे कैमरों की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि मरीज किस दिशा में भागे।
नशे के खिलाफ अभियान जारी
इस बीच, पंजाब पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम 'युद्ध नशों विरुद्ध' के 445वें दिन भी अभियान जारी रखा। इस दौरान 68 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 14.8 किलोग्राम हेरोइन, 12 किलोग्राम आईसीई (मेथामफेटामाइन), 873 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 2,900 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। पिछले 445 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या बढ़कर 64,844 हो गई है।
