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मोदी सरकार का बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करना

मोदी सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में है, जिसका उद्देश्य बंगाल विधानसभा चुनाव में हिंदू मतदाताओं को एकजुट करना है। बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति चिंताजनक है, और मोदी सरकार की चुप्पी सवाल उठाती है। इस लेख में बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा और मोदी सरकार की रणनीति पर चर्चा की गई है। क्या यह स्थिति चुनावों पर प्रभाव डालेगी? जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
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मोदी सरकार का बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करना

बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर मोदी सरकार का ध्यान

मोदी सरकार वर्तमान में बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में है। इसका मुख्य उद्देश्य बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों में हिंदू मतदाताओं को एकजुट करना और ममता बनर्जी को हराना है। बंगाल और असम में हिंदू बनाम मुस्लिम भावना को भुनाने का यह एक रणनीतिक कदम है। बांग्लादेश में हिंदुओं की बढ़ती समस्याओं का लाभ उठाकर भाजपा अपने वोट बैंक को मजबूत करना चाहती है।


बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति चिंताजनक है, जहां लगभग 1.5 करोड़ हिंदू रहते हैं। वहां की मुस्लिम आबादी अब हिंदुओं को मोदी और संघ परिवार का चेहरा मानती है। ऐसे में, बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा को लेकर मोदी सरकार की चुप्पी सवाल उठाती है।


अगस्त 2024 से नवंबर 2025 के बीच मोदी सरकार ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब, जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, तब भारत सरकार चिंता व्यक्त कर रही है। यह सिलसिला बंगाल के विधानसभा चुनावों तक जारी रहेगा।


बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले चुनावों में कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों की राजनीति और भी बढ़ेगी। इससे बांग्लादेश की अगली सरकार पाकिस्तान और चीन के साथ संबंध मजबूत करेगी। यह स्थिति भारत के लिए चिंताजनक है, खासकर असम और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में।


हालांकि, वर्तमान में मोदी और संघ परिवार बंगाल और असम में चुनाव जीतने के लिए प्रयासरत हैं। यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ सरकार आती है, तो यह स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी।