मोदी सरकार का विशेष सत्र: नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन पर चर्चा
संसद का विशेष सत्र 2026
संसद का विशेष सत्र 2026: केंद्र की मोदी सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से संसद का विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है, जो तीन दिनों तक चलेगा। इस सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पेश करने की संभावना है। कांग्रेस ने यह आरोप लगाया है कि यह सत्र केवल नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए नहीं, बल्कि परिसीमन के मुद्दे पर भी बुलाया गया है, जिसे विपक्ष से छिपाया जा रहा है।
दिल्ली में कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह विशेष सत्र केवल नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए नहीं है, बल्कि परिसीमन पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में 30 महीने के भीतर संशोधन लाया जाएगा, और परिसीमन के लिए संविधान में भी बदलाव किया जाएगा। रमेश ने कहा, 'मोदी सरकार ने घोषणा की है कि 16, 17 और 18 अप्रैल को लोकसभा और राज्यसभा का विशेष सत्र होगा।'
उन्होंने आगे कहा, '16 मार्च को किरेन रिजिजू ने राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखा कि वे कांग्रेस पार्टी से बात करना चाहते हैं। खरगे ने उसी दिन जवाब दिया कि आप एक सर्वदलीय बैठक बुलाएं, हम आपके प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे।'
रमेश ने बताया कि 24 मार्च को विपक्ष की सभी पार्टियों ने रिजिजू को फिर से पत्र लिखा कि 29 अप्रैल के बाद एक ऑल पार्टी मीटिंग बुलाएं, क्योंकि तब तक चुनाव आयोग का मॉडल कोड लागू होगा। उन्होंने कहा, '26 मार्च को रिजिजू ने खरगे को फिर से पत्र लिखा कि हम संविधान संशोधन के प्रस्ताव को आगे बढ़ाना चाहते हैं।'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रमेश ने कहा, '16 मार्च से 26 मार्च तक पत्रों का आदान-प्रदान हुआ, लेकिन बीजेपी ने पहले ही तय कर लिया था कि 3-4 तारीख को विशेष सत्र बुलाया जाएगा। अंततः रिजिजू ने एकतरफा निर्णय लेते हुए 16, 17, 18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया।'
उन्होंने कहा, 'रिजिजू ने अपने सभी पत्रों में केवल नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख किया है। लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि यह विशेष सत्र केवल नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए नहीं है, बल्कि परिसीमन के मुद्दे पर भी है। यह चौंकाने वाली बात है कि परिसीमन पर कभी चर्चा नहीं की गई। अब यह स्पष्ट है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में 30 महीने के भीतर संशोधन लाया जाएगा और परिसीमन के लिए संविधान में भी संशोधन किया जाएगा।'
