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मौसम अपडेट: पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम, मैदानी इलाकों में धूप

इस लेख में जानें कि कैसे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव केवल पहाड़ी राज्यों तक सीमित हो गया है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में धूप खिल रही है। पिछले दिनों की बारिश ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है, खासकर पंजाब में। मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार, कुछ राज्यों में अभी भी बारिश की संभावना है। जानें किसानों को हो रहे नुकसान और सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों के बारे में।
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मौसम अपडेट: पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम, मैदानी इलाकों में धूप

पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव


पश्चिमी विक्षोभ का असर अब केवल पहाड़ी राज्यों तक सीमित, मैदानी राज्यों में मौसम साफ होने से किसानों ने ली राहत की सांस


नई दिल्ली : पिछले कुछ दिनों से उत्तर पश्चिमी भारत में मौसम ने काफी परेशानी पैदा की थी। अप्रैल में हुई बारिश और बर्फबारी ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान के किसानों की फसलें प्रभावित हुईं। अब जबकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम हो गया है और मैदानों में धूप खिल रही है, किसानों ने राहत की सांस ली है।


किसानों को नुकसान

हाल ही में हुई बारिश ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 10 से 15 अप्रैल के बीच देश के कई हिस्सों में तापमान 2 से 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में खराब मौसम की गतिविधियां जारी रहेंगी।


इन राज्यों में बारिश की संभावना


मौसम विभाग के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 11 अप्रैल तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।


पंजाब में सबसे अधिक प्रभाव

बेमौसम बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। बारिश ने मैदानी राज्यों में खड़ी फसलों को गिरा दिया और कटी फसलों को भिगो दिया है। केंद्र ने राज्यों से नुकसान का आकलन करने को कहा है ताकि किसानों को मुआवजा मिल सके।


पंजाब में 1.30 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल पर खराब होने की आशंका जताई जा रही है। बारिश के कारण गेहूं की कटाई में देरी हो गई है, जिससे मंडियों में गेहूं की आवक कम है।