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यमन के हूती विद्रोहियों का इजरायल पर पहला बैलिस्टिक मिसाइल हमला

यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है, जिसे इजरायल ने सफलतापूर्वक रोक दिया। यह हमला अमेरिका-इजरायल युद्ध के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। ईरान के विदेश मंत्री ने इजरायल को चेतावनी दी है कि इसके गंभीर परिणाम होंगे। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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यमन के हूती विद्रोहियों का इजरायल पर पहला बैलिस्टिक मिसाइल हमला

यमन के हूती विद्रोहियों का इजरायल पर हमला

नई दिल्ली। यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने अमेरिका-इजरायल युद्ध की शुरुआत के बाद इजरायल पर अपने पहले हमले की पुष्टि की है। विद्रोहियों का कहना है कि यह बैलिस्टिक मिसाइल हमला, जिसे इजरायल ने रोक दिया, कब्जे वाले वेस्ट बैंक के दक्षिण में स्थित एक इजरायली सैन्य ठिकाने को लक्ष्य बनाकर किया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO की प्रतिक्रिया को ईरान के खिलाफ युद्ध के संदर्भ में निराशाजनक बताया। एक बिजनेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि NATO केवल एक कागज़ी शेर है और अमेरिका हमेशा उनकी मदद करता है, लेकिन वे कभी अमेरिका की मदद नहीं करेंगे।


ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि इजरायल को अपने नागरिक परमाणु ठिकानों और स्टील फैक्ट्रियों पर हमले की गंभीर कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरान की सेना ने अमेरिका और इजरायल को आग से खेलने की चेतावनी दी है, यदि वे ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करते हैं। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा कि अरदकान येलोकेक उत्पादन संयंत्र पर हुए हमले से कोई रेडियोधर्मी पदार्थ का रिसाव नहीं हुआ। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दो मार्च से अब तक इजरायली हमलों में 1,142 लोग मारे गए हैं और 3,315 घायल हुए हैं।


ईरान-इजराइल युद्ध के 28 दिन बाद, हूती विद्रोही भी इस संघर्ष में शामिल हो गए हैं। इजरायल के एक समाचार पत्र के अनुसार, यमन में मौजूद हूती विद्रोहियों ने इजरायल के दक्षिणी शहर बेर्शेबा और उसके आसपास के क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल दागी है, जो लगभग दो हजार किलोमीटर दूर है। इजराइली सेना ने बताया कि जैसे ही मिसाइल लॉन्च का पता चला, एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया गया और खतरे को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। इस हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। यह यमन से इजरायल पर किया गया पहला हमला माना जा रहा है।