यमुना एक्सप्रेसवे पर 1325 करोड़ का भूमि घोटाला: YEIDA की शिकायत

YEIDA भूमि घोटाले का मामला
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें सेक्टर-22D में स्थित सनवर्ल्ड सिटी प्रोजेक्ट में घोटाले का आरोप लगाया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह भूमि घोटाला 1325 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। आरोप नोएडा के व्यवसायी दिनेश गोयल पर लगे हैं, जिन पर सरकारी भूमि में धोखाधड़ी और जालसाजी करने का आरोप है।
100 एकड़ सरकारी भूमि का विवाद
शिकायत YEIDA के पूर्व निदेशक सौरव गुप्ता द्वारा दी गई है। उन्होंने बताया कि 2011 में मेसर्स ओडियन बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी की गई थी, जिसके तहत 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। ओडियन बिल्डर्स 2014 में इस प्रोजेक्ट से बाहर हो गया, जिसके बाद दिनेश गोयल ने प्रोजेक्ट में हस्तक्षेप किया और काम जारी रखा, जिससे भूमि आवंटन में विवाद उत्पन्न हुआ।
प्रोजेक्ट 2013 में ठप हुआ
इस 100 एकड़ में से केवल 65 एकड़ भूमि को लीज पर दिया गया था, जबकि 35 एकड़ भूमि आवंटित नहीं की गई। दिनेश गोयल ने आधी-अधूरी मंजूरी के बावजूद लोगों को घर बेचना शुरू कर दिया। 2013 तक प्रोजेक्ट ठप हो गया, और 2019 में गोयल ने खरीदारों को पैसे वापस करने के बहाने भूमि YEIDA को सौंप दी। गुप्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना भुगतान किए अपनी 20% हिस्सेदारी YEIDA को सौंपने के लिए मजबूर किया गया।
1325 करोड़ का सौदा
हाल ही में यह खुलासा हुआ है कि 2025 में दिनेश गोयल ने मेसर्स काउंटी ग्रुप के साथ 100 एकड़ भूमि का सौदा 1325 करोड़ रुपये में किया है। यह भूमि 2011 में केवल 200 करोड़ रुपये की थी, लेकिन अब इसका सौदा 1325 करोड़ में हुआ है। काउंटी ग्रुप के साथ सौदे के अनुसार, वह 35 एकड़ भूमि को YEIDA के वर्तमान दर 52750 रुपये प्रति वर्ग मीटर के बजाय 4700 रुपये प्रति वर्ग मीटर के पुराने दर पर आवंटित करेगा।
ED की जांच जारी
शिकायत में मेसर्स सॉल्यूट्रियन बिल्डटेक LLP सहित अन्य डेवलपर्स के साथ हुए समझौतों का भी उल्लेख किया गया है, जिन्होंने गोयल पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अप्रैल 2025 में दिनेश गोयल को तलब किया है। उन पर NBFC, कंसोलिडेटेड कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड का कथित दुरुपयोग करके संबंधित कंपनियों को अवैध ऋण देने का आरोप भी है।
भविष्य में लेन-देन पर रोक
वर्तमान में मामला जांच के अधीन है, और दिनेश गोयल तथा संबंधित कंपनियों को ब्लैक लिस्ट में डालने और YEIDA के साथ भविष्य में किसी भी लेन-देन पर रोक लगाने की मांग की गई है।