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यमुना नदी में नाव हादसे में मृतकों की संख्या 13 हुई

वृंदावन में यमुना नदी में एक दर्दनाक नाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। यह हादसा तब हुआ जब श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट पैंटून पुल से टकराकर पलट गई। पुलिस ने चालक और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, और स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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यमुना नदी में नाव हादसे में मृतकों की संख्या 13 हुई

वृंदावन में हुआ दर्दनाक हादसा

मथुरा/चंडीगढ़: वृंदावन में यमुना नदी में नाव के पलटने से मृतकों की संख्या अब 13 हो गई है। यह हादसा तब हुआ जब पंजाब से आए श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट पैंटून पुल के पीपे से टकराकर पलट गई। इसके बाद से लापता लोगों की खोज जारी है।


शनिवार शाम तक 11 शवों को बरामद किया गया था, जबकि रविवार सुबह दो और शव मिले। मृतकों में लुधियाना के जगराओं के ऋषभ शर्मा और डूगरी के डिंकी बंसल शामिल हैं। डिंकी बंसल की मां मीनू बंसल की भी इस हादसे में मौत हो गई थी, जिनका शव पहले ही मिल चुका था। घटना के बाद पुलिस ने मोटरबोट के चालक और पैंटून पुल के ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।


जिलाधिकारी सीपी सिंह ने इस मामले की जांच एडीएम वित्त डॉ. पंकज वर्मा को सौंपी है। उन्होंने कहा कि जांच के परिणामों के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।


इस बीच, प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रारंभिक कार्रवाई में केवल नाव चालक और ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि लोक निर्माण विभाग (PWD) और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।


सवाल यह भी है कि जब पैंटून पुल का निर्माण कार्य चल रहा था, तो संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर क्यों नहीं थे और ऐसी स्थिति में नाव संचालन की अनुमति कैसे दी गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।