यूक्रेन में रूस का ताजा हमला: 31 लोगों की जान गई, बच्चों की भी शामिल हैं शिकार

रूस-यूक्रेन संघर्ष की स्थिति
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में शांति वार्ताएं होती हैं, लेकिन उनका कोई प्रभाव ज़मीन पर नहीं दिखता। दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं। इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जिनकी ज़िंदगियाँ हर दिन दहशत और शोक में बदल रही हैं.
कीव पर रूस का हमला, 31 की मौत
हाल ही में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर एक बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें 31 लोगों की जान चली गई। इनमें 5 बच्चे भी शामिल हैं, और 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पूरे कीव में मातम का माहौल है, हर गली और सड़क पर चीखें और आंसू सुनाई दे रहे हैं। इस हमले के बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को आधिकारिक शोक दिवस घोषित किया।
अब तक का सबसे भयानक हमला
राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, इस हमले में सबसे छोटा बच्चा केवल दो साल का था, जबकि 16 बच्चे घायल हुए हैं। सरकार के अनुसार, अक्टूबर 2022 से शुरू हुए हवाई हमलों की श्रृंखला में यह कीव पर सबसे जानलेवा हमला था, जिसमें बच्चों की सबसे अधिक मौतें और चोटें हुई हैं।
नौ मंजिला इमारत को नुकसान
रूस की बमबारी में कीव की एक नौ मंजिला आवासीय इमारत का बड़ा हिस्सा पूरी तरह से नष्ट हो गया। इसके अलावा, 100 से अधिक अन्य इमारतें, जिनमें स्कूल, अस्पताल, मेडिकल क्लिनिक, विश्वविद्यालय और बालवाड़ी शामिल हैं, गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। यह हमले ऐसे समय में हो रहे हैं जब अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के नेता नागरिक क्षेत्रों पर हमले रोकने की अपील कर रहे हैं, लेकिन रूस इन मांगों को नजरअंदाज कर रहा है।
बमों की बौछार
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि जुलाई महीने में ही रूस ने 5,100 से अधिक ग्लाइड बम, 3,800 से अधिक ड्रोन, और 260 विभिन्न प्रकार की मिसाइलें, जिनमें 128 बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं, यूक्रेन पर गिराईं। ये आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि युद्ध किस स्तर पर पहुंच चुका है और इसमें आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
आर्थिक प्रतिबंधों की मांग
हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर हमले रोकने के लिए कई बार अपील की है, लेकिन शांति वार्ताओं का कोई ठोस असर नहीं दिखा। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दुनिया भर के देशों से रूस पर और भी कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा, "चाहे क्रेमलिन सरकार इन प्रतिबंधों को मानने से इनकार करे, लेकिन वे असर कर रहे हैं और उन्हें और मजबूत करने की ज़रूरत है।"
युद्ध का मानवीय संकट
तीन साल से अधिक समय से चल रहा यह युद्ध अब एक मानवता के संकट में बदल चुका है। कीव का यह हालिया हमला इस बात की याद दिलाता है कि इस जंग में सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को हो रहा है। बच्चे, महिलाएं, बूढ़े सभी इस हिंसा की चपेट में आ रहे हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर मजबूत कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह युद्ध यूं ही लोगों की ज़िंदगियों को तबाह करता रहेगा।