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यूरोप ने ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकियों का किया विरोध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर की गई धमकियों के खिलाफ यूरोपीय देश एकजुट हो गए हैं। ब्रिटेन, फ्रांस और स्वीडन जैसे देशों ने ट्रंप की टैरिफ लगाने की धमकी की निंदा की है। ब्रिटेन के पीएम कीएर स्टारमर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस कदम को गलत और अस्वीकार्य बताया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और यूरोपीय देशों की एकजुटता के बारे में।
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यूरोप ने ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकियों का किया विरोध

ग्रीनलैंड विवाद: यूरोपीय देशों की एकजुटता

ग्रीनलैंड विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर की गई धमकियों के खिलाफ यूरोपीय देश एकजुट हो गए हैं। ब्रिटेन, फ्रांस और स्वीडन सहित यूरोपीय संघ ने ट्रंप की टैरिफ लगाने की धमकी की निंदा की है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टारमर ने इसे “पूरी तरह गलत” बताया, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे “अस्वीकार्य” कहा है।


ट्रंप ने घोषणा की है कि डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ़्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स और फ़िनलैंड पर 10 प्रतिशत टैरिफ़ लागू होगा, जो बाद में 25 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। यह तब तक जारी रहेगा जब तक कोई समझौता नहीं होता। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मैक्रों ने लिखा, “फ्रांस यूरोप और अन्य देशों की संप्रभुता के लिए प्रतिबद्ध है। यही हमारे निर्णयों का आधार है।”



मैक्रों ने आगे कहा, “हम इस निर्णय की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। कोई भी धमकी हमें प्रभावित नहीं कर सकती। यदि टैरिफ की धमकियां सच होती हैं, तो यूरोपीय देश एकजुट होकर जवाब देंगे।”


ब्रिटेन के पीएम कीएर स्टारमर ने कहा, “ग्रीनलैंड का भविष्य ग्रीनलैंड के लोगों और डेनिश लोगों का मामला है। आर्कटिक सुरक्षा NATO के लिए महत्वपूर्ण है।”



यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी ट्रंप की धमकी की आलोचना की। उन्होंने कहा, “संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत हैं।”



उन्होंने आगे कहा, “EU डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ खड़ा है। टैरिफ ट्रांसअटलांटिक संबंधों को कमजोर करेंगे।”


स्वीडन के पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन ने कहा, “हम खुद को ब्लैकमेल नहीं होने देंगे। डेनमार्क और ग्रीनलैंड से जुड़े मामलों पर केवल वही निर्णय लेंगे।”